सूरत क्राइम ब्रांच से पूछताछ में खुलासा , लुधियाना के हिंदू नेता थे अबू बकर के निशाने पर

अमित अरोड़ा बोले- सुरक्षा बढ़ाई जाए

सूरत क्राइम ब्रांच से पूछताछ में खुलासा , लुधियाना के हिंदू नेता थे अबू बकर के निशाने पर

भाजपा और हिंदू नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में 15 दिन पहले सूरत से एक मौलवी मोहम्मद सोहेल उर्फ अबू-बकर तीमोल को गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। अबू-बकर का पुलिस को 11 दिन का रिमांड हासिल हुआ था।

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गुजरात मीडिया रिपोर्टस मुताबिक खुलासा हुआ है कि अबू बकर ने पंजाब में भी हिंदू नेताओं को निशाना बनाना था। इस बीच लुधियाना के शिव सेना पंजाब के नेता अमित अरोड़ा का नाम भी अबू बकर की हिट लिस्ट में था।

 

बातचीत करते हुए अमित अरोड़ा ने कहा कि उन्हें भी गुरजात मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि उनका नाम अबू बकर तीमोल की लिस्ट में था। अरोड़ा ने कहा कि वह डरने वालों में से नहीं है। उसकी प्रशासन से मांग है कि उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा की जाए। अरोड़ा ने कहा कि पहले भी कई माडयूल में उनका नाम आ चुका है। इसके बावजूद प्रशासन सुरक्षा में ढील बरत जाता है। इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल से संपर्क किया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

 

15 दिन पहले गुजरात की सूरत क्राइम ब्रांच ने भाजपा और हिंदू नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में सूरत से एक मौलवी मोहम्मद सोहेल उर्फ अबू-बकर तीमोल को पकड़ा था।

 

आरोपी के निशाने पर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा, तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह, हिंदू सनातन संघ के चेयरमैन उपदेश राणा और सुदर्शन टीवी के चीफ एडिटर सुरेश चव्हाणके थे।

 

सूरत पुलिस के मुताबिक, 27 साल का मौलवी मोहम्मद सोहेल मदरसे का टीचर भी है। वो पिछले दो साल से पाकिस्तान के डोंगर और नेपाल के शहनाज के साथ व्हाटसएप के जरिए संपर्क में था।

 

व्हाटसएप चैट में वे भारत में नबी की गुस्ताखी में दखल दिए जाने और ऐसे लोगों को सीधा करने की बात कर रहे हैं। उपदेश राणा की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए सुपारी की भी चैट में चर्चा हुई है। सूरत क्राइम ब्रांच मुताबिक उन्हें मोहम्मद सोहेल की देश विरोधी गतिविधि की खुफिया जानकारी मिली थी। इस पर टीम लगातार नजर रख रही थी। उसे सूरत के चौक बाजार इलाके से हिरासत में लिया गया था और उसके मोबाइल की जांच की गई थी।

 

सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा था कि आरोपी को पाकिस्तान और नेपाल के लोगों के साथ एक हिंदू संगठन के नेता की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए की सुपारी देने और पाकिस्तान से हथियार खरीदने की साजिश रचते हुए पाया गया। आरोपी को पाकिस्तान और नेपाल के उसके आकाओं द्वारा लाओस में एक सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया गया था।

 

गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान, वियतनाम, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, लाओस जैसे विभिन्न देशों के कोड वाले व्हाटसएप नंबर के संपर्क में था। आरोपी ने सांप्रदायिक दुश्मनी फैलाने, भारत के राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीरें अपलोड करने और हिंदू धर्म के बारे में पोस्ट या वीडियो में भद्दी टिप्पणियां करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।

 

आरोपी पर IPC की धारा 153 (ए) (धर्म, जाति पर अनुचित अपमान या हमले में शामिल होना), 467, 468 और 471 (दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जालसाजी से संबंधित) और धारा 120 बी आपराधिक साजिश के लिए, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के के तहत FIR दर्ज की गई है।

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