मिठाई और मांस खाने वाले हो जाए सावधान , मंडरा रहा है हार्ट अटैक का खतरा, वैज्ञानिकों की 3 रिसर्च चौंकाएंगी
अगर लंबी जिंदगी जीनी है तो इसके लिए अपने स्वास्थय की देखबाल बहुत जरूरी है। अपने स्वाद के लिए अगर बहुत मसालेदार और मजेदार खाना खाते हैं तो यहीं रुक जाएं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एक नई शोध की गई, जिसमें हार्ट अटैक के कारणों का पता लगाने की कोशिश की गई है। इस रिसर्च में सामने आया कि ज्यादा शुगर और मांस से इंसान में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इस अध्ययन के सामने आने के बाद अब आपको मीठी चीजे पर लगाम लगा देनी चाहिए।
क्या कहती है रिसर्च?
वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च में खाद्य आवृत्ति सवालों के जरिए से यूपीएफ (Ultra-Processed Food) सेवन का मूल्यांकन किया गया था। शोधकर्ताओं ने इस दौरान तीन शोध किए। इसमें पहला 30 से 55 साल की उम्र की 75,735 महिला नर्सों के एनएचएस नर्सों थी, दूसरे में 25 से 42 साल की उम्र की 90,813 महिलाओं और 40 से 75 साल की उम्र के 40,409 पुरुषों पर अध्ययन किया गया। जिन लोगों को पहले से हृदय रोग या किसी तरह की बीमारी थी उनको इससे दूर ही रखा गया।
खाने में क्या दिया?
यूपीएफ के चयन को दस समूहों में बांटा गया था, जिसमें रोटी और अनाज, सॉस, स्प्रेड और मसाले, पैकेज्ड मीठे स्नैक्स और मिठाइयां, पैकेज्ड नमकीन स्नैक्स, चीनी-मीठा पेय पदार्थ, लाल मांस और मछली जैसे आहार शामिल थे। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिसने ज्यादा मात्रा में शुगर कंज्यूम किया उसको हृदय रोग का जोखिम बढ़ गया। इसके अलावा सॉसेज, बेकन और हॉटडॉग जैसे प्रसंस्कृत मांस की अधिकता वाले आहार में भी यह जोखिम पाया गया।
UK के औसत आहार में यूपीएफ का हिस्सा 57 प्रतिशत है, और इस श्रेणी में फिजी पेय, हैम और बेकन जैसे मांस, साथ ही नाश्ता अनाज शामिल हैं। हालांकि इस उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिन यूपीएफ का उन्होंने अध्ययन किया उनमें से कुछ में विटामिन, खनिज और फाइबर पाए गए जिससे हार्ट अटैक के खतरे को कम भी किया जा सकता है। मतलब अगर आहार को बैलेंस किया जाए तो इसके खतरे से बाहर भी आया जा सकता है।