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                <title>China - Punjab News Times</title>
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                <description>China RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चीनी सेना ने लद्दाख के पास  से इकट्ठे किये हथियार सैटेलाइट तस्वीर से खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के बॉर्डर के पास बड़े पैमाने पर हथियार इकट्ठा कर रही है। US फर्म ब्लैकस्काई ने इसकी सैटेलाइट इमेज जारी की है। ब्लैकस्काई का दावा है कि इन इमेज में चीनी सैनिकों के बंकर दिखाई दे रहे हैं। इन्हें हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए बनाया गया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/capture1717168500_17204253761.webp" alt="capture1717168500_1720425376" width="512" height="588" /></p>
<p>ये बंकर 2021-22 के दौरान बनाए गए हैं। इनमें ईंधन और हथियारों को छिपाया गया है। इस जगह पर बख्तरबंद गाड़ियां भी देखी गई हैं।</p>
<p>हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंगोंग झील के पास सिरजैप में चीनी सैनिकों का बेस है। यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/chinese-army-collected-weapons-from-near-ladakh-satellite-photo-reveals/article-4713"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/capture1717168500_1720425376.webp" alt=""></a><br /><p>चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के बॉर्डर के पास बड़े पैमाने पर हथियार इकट्ठा कर रही है। US फर्म ब्लैकस्काई ने इसकी सैटेलाइट इमेज जारी की है। ब्लैकस्काई का दावा है कि इन इमेज में चीनी सैनिकों के बंकर दिखाई दे रहे हैं। इन्हें हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए बनाया गया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/capture1717168500_17204253761.webp" alt="capture1717168500_1720425376" width="512" height="588"></img></p>
<p>ये बंकर 2021-22 के दौरान बनाए गए हैं। इनमें ईंधन और हथियारों को छिपाया गया है। इस जगह पर बख्तरबंद गाड़ियां भी देखी गई हैं।</p>
<p>हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंगोंग झील के पास सिरजैप में चीनी सैनिकों का बेस है। यहां चीनी सैनिकों का मुख्यालय भी है। इस जगह पर भारत अपना दावा करता आया है। ये जगह LAC से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है।</p>
<div class="f3e032cb">
<p>5 मई 2020 को चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। उस वक्त ये पूरा इलाका खाली था। यहां न कोई गाड़ी थी, न ही कोई चौकी। चीनी सेना ने इसके बाद इलाके में धीरे-धीरे अपनी गतिविधियां बढ़ाईं।</p>
<p>ब्लैकस्काई ने जो तस्वीर ली है वह 30 मई 2024 की है। इसमें एक भूमिगत बंकर साफ दिख रहा है। इस बंकर में 5 दरवाजे हैं। बंकर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे हवाई हमले से कोई नुकसान न हो।</p>
<p>ब्लैकस्काई के एक विशेषज्ञ ने नाम उजागर न करने की शर्त बताया कि इस बेस में कई बख्तरबंद गाड़ियों को छिपाया जा सकता है, परीक्षण रेंज, ईंधन और गोला-बारूद को इकट्ठा करने के लिए भी यहां जगह है। चीनी सेना ने इस बंकर तक पहुंचने के लिए सड़कों और खाइयों का नेटवर्क बनाया है।</p>
<p>ये बेस गलवान घाटी से 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है, जहां जून 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान 20 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी।</p>
<p>पूर्वी लद्दाख में नए खुलासे पर अब तक भारत सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। एक पूर्व भारतीय सेना के अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि आज के समय में उपग्रहों या हवाई निगरानी प्लेटफॉर्मों का उपयोग करके सब कुछ सटीक रूप से पता लगाया जा सकता है। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए सुरंग बनाना ही एकमात्र उपाय है।</p>
<p>इस साल मई में चीन ने उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम के समीप तिब्बत में शिगात्से एयरबेस पर अत्याधुनिक J20 स्टेल्थ लड़ाकू विमानों को तैनात किया था। 27 मई को जारी सैटेलाइट तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ था। ये इलाका भारत के पूर्वी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से केवल 150 किलोमीटर दूर है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 18:31:40 +0530</pubDate>
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                <title>भारत आ रहा है शी जिनपिंग का यह खास दूत , जानिए क्या है इसके पीछे की वजह </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा है कि चीन अधिक भारतीय कंपनियों को अपने बाजार में प्रवेश की सुविधा देकर इस मुद्दे का समाधान करने को तैयार है. वर्षों से भारत के लिए चिंता का विषय रहा व्यापार घाटा वर्ष 2023 में 99.2 अरब अमरीकी डॉलर हो गया जबकि चीन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार 136.2 अरब डॉलर था. वर्ष 2022 में व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर से अधिक 101 अरब डॉलर रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(18).jpeg" alt="download (18)" /></p>
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<p style="text-align:justify;">भारत इस संबंध में समय-समय पर अपनी चिंता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/this-special-envoy-of-xi-jinping-is-coming-to-india/article-4210"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/download-(18).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा है कि चीन अधिक भारतीय कंपनियों को अपने बाजार में प्रवेश की सुविधा देकर इस मुद्दे का समाधान करने को तैयार है. वर्षों से भारत के लिए चिंता का विषय रहा व्यापार घाटा वर्ष 2023 में 99.2 अरब अमरीकी डॉलर हो गया जबकि चीन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार 136.2 अरब डॉलर था. वर्ष 2022 में व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर से अधिक 101 अरब डॉलर रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(18).jpeg" alt="download (18)"></img></p>
<div style="text-align:justify;"></div>
<p style="text-align:justify;">भारत इस संबंध में समय-समय पर अपनी चिंता व्यक्त करता रहा है तथा चीन पर दबाव डालता रहा है कि वह अपने प्रमुख निर्यात क्षमता वाले क्षेत्रों, अनाज के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी तथा औषधि क्षेत्रों को भी भारतीय कंपनियों के लिए खोले. राजदूत के तौर पर अपना कार्यभार संभालने के लिए भारत रवाना होने से पहले फेइहोंग ने ‘पीटीआई-भाषा’ और चीन के ‘सीजीटीएन-टीवी’ के साथ बातचीत में चीन के इस रुख को दोहराया कि उसका व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) हासिल करने का कोई इरादा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘भारत के व्यापार घाटे के पीछे कई कारक हैं. चीन, भारत की चिंता को समझता है. हमारा कभी भी व्यापार अधिशेष हासिल रखने का इरादा नहीं रहा है.’’ हाल ही में भारत में चीन के राजदूत नियुक्त किए गए फेइहोंग ने कहा, ‘‘चीनी बाजार भारत समेत सभी देशों के लिए खुला है. हमने भारतीय उत्पादों को खरीदने के लिए कई व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत भेजे हैं और हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक बिक्री योग्य भारतीय उत्पाद चीनी बाजार में आएं. हम चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो, चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो, कैंटन फेयर और अन्य मंचों पर भारत की भागीदारी के लिए अधिक सुविधा देने को तैयार हैं.’’</p>
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<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘चीन भारतीय कंपनियों को चीन की बाजार मांगों को पूरा करने तथा वाणिज्यिक व व्यापार सहयोग की संभावनाओं का लाभ उठाने में भी मदद करने को तैयार है.’’ फेइहोंग ने कहा, ‘‘पिछले साल भारत में चीनी राजनयिक मिशनों ने करीब 190,000 वीजा जारी किए, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक कारोबारी वीजा थे. दोनों तरफ से व्यावसायिक यात्राएं द्विपक्षीय व्यापार के लिए अच्छी हैं. हमें उम्मीद है कि भारत कारोबारी अवसरों के लिए भारत आने वाले चीनी व्यापारियों को और अधिक सुविधा प्रदान कर सकता है.’’</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव होने के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार उच्च स्तर पर बना हुआ है. चीन के सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल दोनों देशों के बीच कुल व्यापार बढ़कर 136.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं इस साल की शुरुआत में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 99.2 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है.</p>
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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 14:31:17 +0530</pubDate>
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