<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.punjabnewstimes.com/ms-herald-of-free-enterprise-ship-memoir/tag-719" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Punjab News Times RSS Feed Generator</generator>
                <title>MS herald of free enterprise ship memoir - Punjab News Times</title>
                <link>https://www.punjabnewstimes.com/tag/719/rss</link>
                <description>MS herald of free enterprise ship memoir RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पानी में उतरने के महज 90 सेकेंड में डूब गया 8 मंज‍िला जहाज; 193 लोगों की बन गई जल समाध‍ि</title>
                                    <description><![CDATA[MS herald of free enterprise ship memoir
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/ms-herald-of-free-enterprise-ship-memoir/article-3783"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-03/capture-21.jpg" alt=""></a><br />
<p>MS herald of free enterprise ship memoir</p>



<p>अप्रैल 1912 में जब टाइटैनिक जहाज डूबा था तो पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया था, लेकिन क्या आप जानते है कि टाइटैनिक जैसा एक और हादसा हुआ था। एक शिप समुद्र के उतरने के बाद सिर्फ 90 सेकेंड के अंदर डूब गया था और 193 लोग मारे गए थे। करीब 8 मंजिला शिप में क्रू के 80 मेंबर और करीब साढ़े 400 पैसेंजर थे, लेकिन बचाव अभियान दल के पहुंचने तक नौकाओं से जितने लोग बच सके, बच गए। बाकी लोग डूब चुके थे। हादसा यूरोपियन देश बेल्जियम में हुआ था। जहाज का नाम MS हेराल्ड ऑफ फ्री एंटरप्राइज था और रोल-ऑन/रोल-ऑफ जहाज था। </p>



<p>Read also: <a href="http://projects.nginx/punjabnewstimes/utreus-damage-conditions/">बच्चेदानी खराब होने पर शरीर में नजर आते है ये लक्षण, 90% महिलाएं साधारण समझकर कर देती है इग्नोर</a></p>



<p>इसे यूरोपियन कंपनी टाउनसेंड थोरेसन ऑपरेट करती थी। हादसे के बाद 30 सितंबर 1987 में जहाज को SA किंग्सटाउन ने खरीद लिया था। इसका नाम भी बदलकर फ्लशिंग रेंज रख दिया गया था। 22 मार्च 1988 को इसे ताइवान भेजकर खत्म कर दिया गया था। जब हादसे की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि मानवीय चूक हुई थी। ड्राइवर की लापरवाही थी, क्योंकि उसने जहाज का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया था। उसने ध्यान नहीं दिया और बाकी क्रू मेंबर्स सो रहे थे। हादसे का दूसरा कारण जहाज में वॉटरटाइट कंपार्टमेंट नहीं होना था। हादसे का तीसरा कारण कम्यूनिकेशन सिस्टम की खराबी थी। समय रहते हादसे के बारे में बंदरगाह के अधिकारियों को बताया नहीं जा सका। जहाज की लंबाई 432 फीट 9 इंच थी, जिसके कारण यह इतना विशाल था कि इसमें 81 कारें, 3 बसें और 47 ट्रक लोड किए गए थे। जहाज शाम को करीब 6.24 मिनट पर टूर के लिए निकला था, लेकिन सिर्फ 4 मिनट के अंदर इसमें पानी भर गया था। पानी भरने से जहाज एक तरफ झुकता चल गया। सबसे पहले जहाज के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में पानी भरा जिससे लाइट गुल हो गई। साथ ही पता चला कि मेन डोर खुला है। करीब 7 बजकर 37 मिनट पर अलार्म बजाया गया और लोगों को जहाज डूबने के बारे में बताया गया। बेल्जियम एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर रेस्क्यू करने पहुंचे, लेकिन निकालने से पहले ही कुछ यात्री हाइपोथरमिया से मारे गए।</p>



<p>MS herald of free enterprise ship memoir</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/world/ms-herald-of-free-enterprise-ship-memoir/article-3783</link>
                <guid>https://www.punjabnewstimes.com/world/ms-herald-of-free-enterprise-ship-memoir/article-3783</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Mar 2024 13:09:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-03/capture-21.jpg"                         length="36930"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        