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                <title>HEALTH - Punjab News Times</title>
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                <description>HEALTH RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीरियड क्रैंप्स से हालत हो जाती है खराब, तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हर महीने पीरियड्स का दर्द जी का जंजाल बन जाता है. हर किसी के लिए यह अलग होता है. किसी को पीरियड्स में कम दर्द होता है तो किसी का दर्द इतना बढ़ जाता है कि कहीं आना-जाना भी मुश्किल लगने लगता है. ऐसे में अगर आप भी पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स से परेशान रहती हैं तो यहां जानिए घर की वो कौनसी चीजें हैं जो पीरियड्स के दर्द (Period Pain) को कम करने में असरदार होती है. इसके अलावा और भी कुछ घरेलू नुस्खे आजमाए जा सकते हैं जिनसे पीरियड्स के दर्द से राहत मिल जाती है. </p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);">अदरक और</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/if-period-cramps-get-bad-then-try-these-5-home/article-7212"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-02/menstrualcramps1705302906.webp" alt=""></a><br /><p>हर महीने पीरियड्स का दर्द जी का जंजाल बन जाता है. हर किसी के लिए यह अलग होता है. किसी को पीरियड्स में कम दर्द होता है तो किसी का दर्द इतना बढ़ जाता है कि कहीं आना-जाना भी मुश्किल लगने लगता है. ऐसे में अगर आप भी पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स से परेशान रहती हैं तो यहां जानिए घर की वो कौनसी चीजें हैं जो पीरियड्स के दर्द (Period Pain) को कम करने में असरदार होती है. इसके अलावा और भी कुछ घरेलू नुस्खे आजमाए जा सकते हैं जिनसे पीरियड्स के दर्द से राहत मिल जाती है. </p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);">अदरक और शहद</span><br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप अदरक और शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप एक चम्मच शहद और एक चम्मच अदरक का रस लें। इन दोनों को अच्छी तरह से मिलाएं और फिर सेवन करें। इससे कुछ ही देर में दर्द कम हो जाएगा। साथ ही, यह गैस और क्रैम्प्स की समस्या से राहत दिलाने में भी मददगार होता है।</p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);">गर्म पानी से सिकाई करें</span><br />गर्म पानी से सिकाई करने से पेट के आसपास की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे दर्द और ऐंठन से राहत मिल सकती है। इसके लिए एक हीटिंग पै़ड या गर्म पानी की थैली लें और इसे पेट पर रखें। इससे 15-20 मिनट तक सिकाई करें। ऐसा करने से आपको जल्द राहत मिलेगी।</p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);">काली किशमिश</span><br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप काली किशमिश का सेवन कर सकते हैं। यह पीरियड्स के दौरान ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और हार्मोन को संतुलित करने में मदद कर सकती है। इसके लिए आप सुबह खाली पेट भीगी हुई काली किशमिश का सेवन कर सकती हैं।</p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);">गुड़</span><br />पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में गुड़ काफी प्रभावी साबित हो सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-स्पास्मोडिक गुण होते हैं, जो गर्भाशय में होने वाली ऐंठन और दर्द को कम करने में मददगार होता है। अगर आपको पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा दर्द होता है, जो रोजाना एक टुकड़ा गुड़ जरूर खाएं।<img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-02/menstrualcramps1705302906.webp" alt="MenstrualCramps1705302906" width="880" height="600"></img></p>
<p><span style="background-color:rgb(241,196,15);"><strong>हल्दी वाला दूध</strong></span><br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्दी वाले दूध का सेवन कर सकती हैं। दरअसल, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो दर्द और सूजन से राहत दिला सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। इससे आपको जल्द राहत मिल सकती है।</p>
<p>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/top-police-officers-reshuffle-in-punjab-nageswara-rao-appointed-new/article-7210">पंजाब में शीर्ष पुलिस अधिकारियों में फेरबदल, जी नागेश्वर राव को नया सतर्कता प्रमुख किया गया नियुक्त</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 14:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाल से लेकर पेट तक के लिए फायदेमंद है आंवला, ठंड के मौसम में इस तरीके से खाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सर्दियां लगभग आ चुकी हैं और अगर आप देश की राजधानी में या उसके आस-पास रह रहे हैं. तो आपके अच्छे से पता होगा कि सर्दियां अपने साथ पॉल्यूशन भी लेकर आती है. हवा में ठंड के साथ एक धुंआ-धुंआ भी आता है. जिसके लिए लोग तैयार नहीं रहते हैं लेकिन इसके कारण उनकी लाइफस्टाइल पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ता है. इसके कारण कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है.</p>
<p style="text-align:justify;">सर्दी और पॉल्यूशन आम लोगों के लाइफस्टाइल को काफी ज्यादा प्रभावित करती है. यही कारण है कि इस दौरान बाल झड़ना, समय से पहले बाल सफेद होना, त्वचा पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/amla-is-beneficial-for-hair-to-stomach-eat-it-in/article-6365"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-11/amla-indian-gooseberry-250-g-product-images-o590000126-p590000126-0-202409251835.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सर्दियां लगभग आ चुकी हैं और अगर आप देश की राजधानी में या उसके आस-पास रह रहे हैं. तो आपके अच्छे से पता होगा कि सर्दियां अपने साथ पॉल्यूशन भी लेकर आती है. हवा में ठंड के साथ एक धुंआ-धुंआ भी आता है. जिसके लिए लोग तैयार नहीं रहते हैं लेकिन इसके कारण उनकी लाइफस्टाइल पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ता है. इसके कारण कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है.</p>
<p style="text-align:justify;">सर्दी और पॉल्यूशन आम लोगों के लाइफस्टाइल को काफी ज्यादा प्रभावित करती है. यही कारण है कि इस दौरान बाल झड़ना, समय से पहले बाल सफेद होना, त्वचा पर मुहांसे और पोर्स की समस्या होती है. पेट से जुड़ी समस्याएं शुरू होना. सिर्फ इतना ही नहीं यह हमारी पाचन तंत्र को भी काफी ज्यादा प्रभावित करती है. जिसके कारण हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है. सर्दियों में होने वाले पॉल्यूशन से निपटने के लिए कई लोग सप्लीमेंट्स और दवाइयां लेते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसा आयुर्वेदिक उपाय बताएंगे. जिसका इस्तेमाल करके आप इन परेशानियों से निजात पा सकते हैं. </p>
<p style="text-align:justify;">क्या सर्दियों में आंवला को डाइट में शामिल करना सही है?</p>
<p style="text-align:justify;">जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय आंवले की. जिसे आंवला भी कहते हैं और सोशल मीडिया खास तौर पर इंस्टाग्राम. ऐसी रेसिपी और तरीकों से भरा पड़ा है. जिनसे आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इनमें से लोगों का खास झुकाव अचार की ओर है. जो इसे लंबे समय तक बनाए रखता है और अतिरिक्त लाभ भी देता है.लेकिन क्या आपको इन्हें अपनी सर्दियों की डाइट में शामिल करना चाहिए? </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-11/amla-indian-gooseberry-250-g-product-images-o590000126-p590000126-0-202409251835.webp" alt="amla-indian-gooseberry-250-g-product-images-o590000126-p590000126-0-202409251835" width="1000" height="1000"></img></p>
<p style="text-align:justify;">आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है</p>
<p style="text-align:justify;">आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है. जिसके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमारी त्वचा और बालों को पोषण देता है. इंडिया टूडे में छपी खबर के मुताबिक विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है. जिससे त्वचा में कसाव आता है, झुर्रियां कम होती हैं, लोच में सुधार होता है, नमी बरकरार रहती है और त्वचा का रूखापन कम होता है.आंवले में सूजन-रोधी गुण भी होते हैं जो सूजन को कम करने, मुंहासे, लालिमा या जलन को शांत करने में मदद करते हैं. विटामिन सी काले धब्बों को कम करके त्वचा की रंगत को एक समान बनाने में भी मदद करता है.</p>
<p style="text-align:justify;">यदि आप अपने अचार में नमक और तेल की मात्रा सीमित कर सकते हैं. नींबू या आंवला जैसे खट्टे खाद्य पदार्थों से बने अचार कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं. जिसमें पाचन में सहायता करना भी शामिल है, क्योंकि उनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं. अच्छे बैक्टीरिया जो आंत के स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 16:27:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छोटे कद की लड़कियों की तरफ क्यों  ज्यादा आकर्षित होते हैं पुरुष, क्या है इसका साइंटिफिक कारण?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अगर आपको भी लगता है कि कम कद होने के वजह से कोई लड़का आपको पसंद नहीं करेगा तो यहां आप गलत हैं. क्योंकि हाल है एक अध्ययन के रिपोर्ट में जो सच सामने आया है वह इससे बिल्कुल अलग है. अध्ययन की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि लड़कों को छोटी हाइट की लड़कियां ज्यादा अट्रैक्टिव  लगती हैं. अगर आपके भी मन में सवाल उठ रहा है क्यों तो चलिए बताते हैं इसका साइंटिफिक कारण. </p>
<p style="text-align:justify;">यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास की स्टडी </p>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार अपने बराबर कद या खुद से ज्यादा कद वाली लड़कियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/what-is-the-scientific-reason-why-men-are-more-attracted/article-6322"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-11/download-(35).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर आपको भी लगता है कि कम कद होने के वजह से कोई लड़का आपको पसंद नहीं करेगा तो यहां आप गलत हैं. क्योंकि हाल है एक अध्ययन के रिपोर्ट में जो सच सामने आया है वह इससे बिल्कुल अलग है. अध्ययन की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि लड़कों को छोटी हाइट की लड़कियां ज्यादा अट्रैक्टिव  लगती हैं. अगर आपके भी मन में सवाल उठ रहा है क्यों तो चलिए बताते हैं इसका साइंटिफिक कारण. </p>
<p style="text-align:justify;">यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास की स्टडी </p>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार अपने बराबर कद या खुद से ज्यादा कद वाली लड़कियों के मुकाबले लड़के ऐसी लड़कियों के साथ ज्यादा इमोशनली जुड़ाव महसूस करते हैं, जिनका कद उनसे काफी कम है.</p>
<p style="text-align:justify;">आखिर लड़कों को क्यों पसंद आती हैं छोटे कद की लड़कियां...</p>
<p style="text-align:justify;">सीने तक पहुंचती हैं </p>
<p style="text-align:justify;">छोटे कद की लड़कियां लड़के के सीने तक पहुंचती हैं. ऐसे में पार्टनर को गले लगाते हुए उन्हें आराम महसूस होता है.</p>
<p style="text-align:justify;">होता है रोमांटिक नेचर</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा मानना है कि छोटे कद की लड़कियों का नेचर रोमांटिक होता है. अपने पार्टनर को वो ज्यादा खुश रखती हैं और अपना प्यार जताने में कामयाब होती हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">रखती हैं ज्यादा ख्याल</p>
<p style="text-align:justify;">रोमांटिक नेचर के साथ-साथ छोटे कद वाली लडकियां ज्यादा केयर करने वाली भी होती हैं. लंबी लड़कियों के मुकाबले छोटे कद वाली लड़कियों में रिलेशनशिप को लेकर ज्यादा गंभिरता दिखती है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-11/download-(35).jpeg" alt="download (35)" width="631" height="420"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title" href="https://www.punjabnewstimes.com/sport/pakistan-snatched-captaincy-from-rizwan-decision-taken-after-series-defeat/article-6320">पाकिस्तान ने रिजवान से छीनी कप्तानी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज हार के बाद लिया फैसला</a></p>
<p style="text-align:justify;">होता है अच्छा फिगर </p>
<p style="text-align:justify;">ब्रूनेल यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार लड़कों को ऐसी लड़कियां ज्यादा पसंद आती हैं, जिनका कद छोटा हो, पर पैर लंबे और फीगर अच्छा हो. रिपोर्ट के अनुसार ऐसी लड़कियों का दिमाग भी लंबी लड़कियों के मुकाबले तेज होता है </p>
<p style="text-align:justify;">हाई हील से निखरती है पर्सनैलिटी</p>
<p style="text-align:justify;">छोटे कद की लड़कियां हील्स पहने हुए बहुत अच्छी लगती हैं, जिससे उनकी पर्सनैलिटी और निखर जाती है. उनकी ओर आकर्षित होने की एक वजह यह भी है.</p>
<p style="text-align:justify;">कडलिंग </p>
<p style="text-align:justify;">कोई भी लड़का खुद से कम हाइट वाली लड़की को अपनी बाहों में भरता है तो वह पूरी तरह से उसमें समां जाती है. इससे लड़के को कडलिंग करने में मजा आता है. इससे उनके रिलेशनशिप में एक फन मोमेंट भी जुड़ता है.छोटी हाइट वाली लड़की को हग करते समय लड़के उन्हें इधर-उधर आसानी से टर्न भी कर सकते हैं. इससे उनके बीच तालमेल बेहतर होगा. जबकि बराबर या ज्यादा हाइट वाली लड़कियों के साथ वो ज्यादा फन नहीं कर सकेंगे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/health/what-is-the-scientific-reason-why-men-are-more-attracted/article-6322</link>
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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 14:05:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना ‘दिक्कत’ खा ली वियाग्रा तो क्या होगा? एक्सपर्ट्स से जानिए कैसा होगा ‘असर’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आपने इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवा वियाग्रा के बारे में सुना होगा। यह एक नीले रंग की दवा होती है, जिसका इस्तेमाल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के केस में पुरुष करते हैं। यह ब्लड फ्लो को बढ़ाती है और इसके इस्तेमाल से सेक्स के दौरान व्यक्ति को इरेक्शन प्राप्त करने में मदद मिलती है।</p>
<p>सेक्शुअल फैटेंसी के बारे में सोचने वाले लोग अक्सर वियाग्रा के इस्तेमाल के बारे में बात करते हैं, ऐसे में सवाल पैदा होता है कि अगर एक व्यक्ति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या नहीं है और उसने वियाग्रा खा ली तो क्या होगा? क्योंकि जिस व्यक्ति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/what-will-happen-if-you-take-viagra-without-any-problem/article-5159"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-08/images-(5)1.jpeg" alt=""></a><br /><p>आपने इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवा वियाग्रा के बारे में सुना होगा। यह एक नीले रंग की दवा होती है, जिसका इस्तेमाल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के केस में पुरुष करते हैं। यह ब्लड फ्लो को बढ़ाती है और इसके इस्तेमाल से सेक्स के दौरान व्यक्ति को इरेक्शन प्राप्त करने में मदद मिलती है।</p>
<p>सेक्शुअल फैटेंसी के बारे में सोचने वाले लोग अक्सर वियाग्रा के इस्तेमाल के बारे में बात करते हैं, ऐसे में सवाल पैदा होता है कि अगर एक व्यक्ति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या नहीं है और उसने वियाग्रा खा ली तो क्या होगा? क्योंकि जिस व्यक्ति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है उसे तो वियाग्रा के इस्तेमाल से मदद मिलती है, लेकिन सामान्य व्यक्ति पर वियाग्रा का क्या असर होगा?</p>
<p>वियाग्रा के कमाल के किस्से भले ही आपने बहुत सुने हों, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति को वियाग्रा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आपने यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर की सलाह पर वियाग्रा का सेवन नहीं किया है तो आपको समस्या हो सकती है।</p>
<p>हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स<br />डॉक्टर की सलाह के बिना वियाग्रा का इस्तेमाल करने पर आपको सिरदर्द, मितली जैसा महसूस होना, गर्मी लगना, अपच, जुकाम और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये वियाग्रा के इस्तेमाल के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।</p>
<p>प्रियापिज्म का खतरा<br />कई मामलों में वियाग्रा के साइड इफेक्ट गंभीर भी हो सकते हैं, जैसे कि अचानक से आपको दिखाई देना बहुत कम हो सकता है। आपको दौरे पड़ सकते हैं। आपको प्रियापिज्म की समस्या हो सकती है। प्रियापिज्म में व्यक्ति को दर्द भरा इरेक्शन होता है, जो घंटों तक रह सकता है और यह लिंग को लंबे समय के लिए डैमेज कर सकता है।</p>
<p><br />एक और खतरनाक साइड इफेक्ट ये हो सकता है कि आपको सीने में दर्द महसूस हो। अगर आपको सिल्डेनाफिल से एलर्जी की समस्या है तो आपको गंभीर तौर पर एलर्जी हो सकती है।</p>
<p><br />ड्रग्स डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 337 ऐसी दवाएं हैं जो वियाग्रा के साथ रिएक्ट करती हैं। अगर आप डॉक्टर की जानकारी के बिना दवा ले रहे हैं तो हो सकता है कि इन दवाओं के साथ वियाग्रा का रिएक्शन हो जाए। जैसे कि ब्लड प्रेशर की दवाएं फर्रोसमाइड, लोसार्टन या लिसिनोप्रिल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये दवाएं वियाग्रा के साथ रिएक्ट कर सकती हैं और आपका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है।</p>
<p>इसके साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के वियाग्रा खरीदने पर यह भी संभव है कि आपको गलत दवा मिल जाए। उसका डोज गलत हो। इससे आपका स्वास्थ्य खतरे में पड़ जाता है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-08/images-(5)1.jpeg" alt="images (5)" width="750" height="420"></img></p>
<p>विशेषज्ञों की सलाह है कि बेहतर लाइफ स्टाइल मेंटेन करके अच्छा इरेक्शन पाया जा सकता है। जैसे नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है और लिंग में खून के प्रवाह को बढ़ाता है। इसके साथ ही हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज, शराब कम पीना, स्मोकिंग न करने के साथ तनाव को कम करने से आप बेहतर इरेक्शन पा सकते हैं। शराब और स्मोकिंग कम करने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड पर्याप्त मात्रा में बनता है। इससे पुरुषों को इरेक्शन में मदद मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/health/what-will-happen-if-you-take-viagra-without-any-problem/article-5159</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Aug 2024 14:40:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फॉलिक एसिड के सेवन को घटाने से बढ़ जाती है उम्र, नई रिसर्च में हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है अच्छा और पौष्टिक भोजन। हेल्दी खाना खाने से शरीर को प्रोटीन, विटामिन और फोलेट जैसे पोषण मिलता है। फोलेट ऐसा तत्व है, जिसका इनटेक शारीरिक ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। फोलेट बॉडी में रेड ब्लड सेल्स बनाने में मददगार होता है, जो हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल और मटर खाने से मिलता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि फोलेट के सेवन को कम करने से व्यक्ति लम्बे समय तक जीवन जी सकता है।</p>
<p>इस रिसर्च के अनुसार, इंसान बिना फोलेट के सेवन से भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/reducing-folic-acid-intake-increases-lifespan-new-research-reveals/article-5137"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-08/folate.webp" alt=""></a><br /><p>हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है अच्छा और पौष्टिक भोजन। हेल्दी खाना खाने से शरीर को प्रोटीन, विटामिन और फोलेट जैसे पोषण मिलता है। फोलेट ऐसा तत्व है, जिसका इनटेक शारीरिक ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। फोलेट बॉडी में रेड ब्लड सेल्स बनाने में मददगार होता है, जो हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल और मटर खाने से मिलता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि फोलेट के सेवन को कम करने से व्यक्ति लम्बे समय तक जीवन जी सकता है।</p>
<p>इस रिसर्च के अनुसार, इंसान बिना फोलेट के सेवन से भी लंबे समय के लिए जीवित रह सकता है। यह रिसर्च जानवरों पर इंसान की उम्र के हिसाब से की गई है, जिसमें पाया गया कि कैसे फोलेट का लगातार सेवन लोगों की उम्र को घटा रहा है। हालांकि महिलाओं के लिए ये ज्यादा गंभीर हो सकता है।</p>
<p>यह रिसर्च टेक्सास ए एंड एम कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड लाइफ साइंस के बायो केमिस्ट्री और बायो फिजिक्स डिपार्टमेंट में प्रोफेसर मिशेल पोलिमेनिस और उनकी टीम ने की है। उन्होंने अपनी रिसर्च में पाया है कि फोलेट हर इंसान के शरीर में अलग तरीके से काम करता है। हर इंसान के फोलेट का इनटेक अलग-अलग होता है। किसी व्यक्ति के शरीर को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। वहीं, कुछ लोगों को इसकी बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-08/folate.webp" alt="folate" width="1200" height="675"></img></p>
<p>रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि फोलेट का सेवन शुरुआती यानी बचपन से किशोरावस्था तक फायदेमंद होता है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ रोज अपनी डाइट में फोलेट लेना नुकसानदायक बन जाता है। प्रोफेसर पोलिमेनिस ने पाया कि इंसान का मेटाबॉलिज्म सोते वक्त फैट और कार्बोहाइड्रेट को बर्न करता है, लेकिन फोलेट बर्न होने के लिए ज्यादा समय लगता है, जिसकी वजह से शरीर के लिए ये हानिकारक हो सकता है।</p>
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                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/health/reducing-folic-acid-intake-increases-lifespan-new-research-reveals/article-5137</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 15:34:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगर आपकी बॉडी में लगे यह संकेत तो हो जाए सावधान , लिवर दे सकता है धोखा , जान ले लिवर खराब होने के लक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। जो पाचन में मदद करता है। इसके अलावा ये शरीर में मौजूद गंदगी को भी दूर करता है। ऐसे में अगर लिवर ठीक ढंग से काम करना बंद कर देता है तो इससे आपको कई गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए लिवर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। हालांकि कई बार खराब लाइफस्टाइल के कारण हमारी लिवर खराब हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण के बारे में बताएंगे, जिससे आप गंभीर बीमारी होने से बच सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण</strong><br /><strong>शरीर का</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/if-you-see-these-signs-in-your-body-then-be/article-5097"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-08/images.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। जो पाचन में मदद करता है। इसके अलावा ये शरीर में मौजूद गंदगी को भी दूर करता है। ऐसे में अगर लिवर ठीक ढंग से काम करना बंद कर देता है तो इससे आपको कई गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए लिवर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। हालांकि कई बार खराब लाइफस्टाइल के कारण हमारी लिवर खराब हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण के बारे में बताएंगे, जिससे आप गंभीर बीमारी होने से बच सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण</strong><br /><strong>शरीर का पीला होना</strong><br />अगर आपको अपने शरीर में पीलिया जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो एक बार डॉक्टर के पास जाकर चेकअप जरूर करवा लें, क्योंकि ये लिवर खराब होने का लक्षण है। इसमें आंखों के नीचे पीलापन और स्किन भी पीली होने लगती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेट में दर्द होना</strong><br />लिवर के खराब होने पर शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से नहीं हो पाता है जिसके कारण आंतों में सूजन आने लगती है और पेट में दर्द होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डार्क पीले रंग की पेशाब</strong><br />हमारी यूरिन का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताता है। अगर आपको डार्क पीले रंग की पेशाब हो रही है तो ये डिहाईड्रेशन का प्रतीक है और साथ में ये भी बताता है कि शरीर में कई टॉक्सिन्स मौजूद हैं जो लिवर समस्या होने का संकेत है।<img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-08/images.jpeg" alt="images" width="781" height="520"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भूख या वजन का कम होना</strong><br />लिवर खराब होने के कारण खाना सही तरह से पच नहीं पाता है, जिसकी वजह से हमें कुछ भी खाने का मन नहीं होता है। लिवर खराब होने से वजन भी कम होने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>त्वचा में खुजली होना</strong><br />त्वचा में खुजली होना भी लिवर में खराबी होने का लक्षण है। अगर आपको भी स्किन में खुजली हो रही है तो ये ऑब्सट्रक्टिव पीलिया का संकेत है। इसके अलावा आपको बाइल डक्ट में पथरी भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 15:01:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किडनी कैंसर के शुरुआती स्टेज में शरीर में नजर आते हैं ये 5 लक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुनियाभर में किडनी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।   इसे रीनल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल किडनी कैंसर के चार लाख से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं और 1।75 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। किडनी कैंसर तब होता है, जब किडनी की कोशिकाओं में परिवर्तन होता है और वे अनियंत्रित रूप से विभाजित और बढ़ने लगती हैं। समय के साथ, ये कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/images1.jpeg" alt="images" width="781" height="520" /></p>
<p>पेशाब में खून आना<br />पेशाब में खून आना किडनीकैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इस स्थिति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/these-5-symptoms-are-seen-in-the-body-in-the/article-4815"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/images1.jpeg" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में किडनी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।   इसे रीनल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल किडनी कैंसर के चार लाख से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं और 1।75 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। किडनी कैंसर तब होता है, जब किडनी की कोशिकाओं में परिवर्तन होता है और वे अनियंत्रित रूप से विभाजित और बढ़ने लगती हैं। समय के साथ, ये कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/images1.jpeg" alt="images" width="781" height="520"></img></p>
<p>पेशाब में खून आना<br />पेशाब में खून आना किडनीकैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इस स्थिति को हेमाट्यूरिया के नाम से भी जाना जाता है। यह रक्त मूत्र में हल्का गुलाबी, लाल या भूरे रंग का हो सकता है। अगर आपको ऐसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<p>पीठ या पसली में दर्द<br />अगर आपको पीठ के निचले हिस्से या पसलियों के पास लगातार दर्द रहता है, तो यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। यह दर्द हल्का से लेकर गंभीर हो सकता है और आमतौर पर एक साइड ही महसूस होता है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए।</p>
<p>पीठ के निचले हिस्से में गांठ<br />अगर आपको पीठ के निचले हिस्से में यानी जहां किडनी होती है, वहां गांठ महसूस हो रही है, तो यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, पेट के निचले हिस्से में भारीपन और खिंचाव भी महसूस हो सकता है। अगर आपको इस तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<p>वजन कम होना<br />अगर बिना किसी वजह आपका वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि, अचानक वजन होने के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।</p>
<p>भूख न लगना<br />किडनी कैंसर होने पर व्यक्ति को भूख नहीं लगती है और कुछ भी खाने के मन नहीं करता है। हालांकि, कुछ अन्य बीमारियों में भी भूख नहीं लगती है। अगर कम खाने के बावजूद आपको पेट भरा हुआ महसूस होता है, तो डॉक्टर के पास जाकर अपना चेकअप करवाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/health/these-5-symptoms-are-seen-in-the-body-in-the/article-4815</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 13:15:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> लिवर डैमेज होने से पहले पेशाब में दिखते हैं 4 संकेत, 90% लोग  करते हैं इग्नोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इसके साथ ही, यह पाचन के लिए आवश्यक बाइल प्रोटीन के उत्पादन, रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और शरीर में ऊर्जा को स्टोर करने में भी मदद करता है। ऐसे में, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लिवर का स्वस्थ रहना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">  <img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/6.png" alt="6" width="1200" height="900" /></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेशाब के रंग में बदलाव</strong><br />पेशाब के रंग में बदलाव लिवर डैमेज की ओर इशारा कर सकता है। लिवर में खराबी होने पर पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा हो सकता है। दरअसल, जब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/before-liver-damage-occurs-4-signs-appear-in-urine-which/article-4687"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/6.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इसके साथ ही, यह पाचन के लिए आवश्यक बाइल प्रोटीन के उत्पादन, रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और शरीर में ऊर्जा को स्टोर करने में भी मदद करता है। ऐसे में, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लिवर का स्वस्थ रहना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;"> <img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/6.png" alt="6" width="1200" height="900"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेशाब के रंग में बदलाव</strong><br />पेशाब के रंग में बदलाव लिवर डैमेज की ओर इशारा कर सकता है। लिवर में खराबी होने पर पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा हो सकता है। दरअसल, जब लिवर ठीक से काम नहीं करता है, तो बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे पेशाब का रंग गहरा हो जाता है। अगर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बावजूद आपको पेशाब के रंग में ज्यादा पीलापन नजर आ रहा है, तो आपको डॉक्टर से मिलकर टेस्ट करवाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेशाब में झाग आना</strong><br />पेशाब में झाग आना भी लिवर डैमेज का संकेत हो सकता है। दरअसल, जब लिवर ठीक तरह से काम नहीं करता है, तो पेशाब में प्रोटीन लीक होने लगता है। इसके कारण पेशाब में झाग आ सकता है। अगर आपको भी ऐसे लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेशाब से बदबू आना</strong><br />अगर आपके पेशाब से अचानक से अजीब बदबू आने लगी है, तो यह लिवर डैमेज का संकेत हो सकता है। हालांकि, पेशाब से बदबू आने के पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें यूटीआई, डायबिटीज और अन्य बीमारियां शामिल हैं। ऐसे में, सही कारण का पता लगाने के लिए आपको डॉक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेशाब में खून आना</strong><br />लिवर डैमेज होने पर पेशाब में खून आने की समस्या हो सकती है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो जाती है। खासकर, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसे मामलों में यह लक्षण देखा जा सकता है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/health/before-liver-damage-occurs-4-signs-appear-in-urine-which/article-4687</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 15:41:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफेद शक्कर या ब्राउन शुगर जानिए हेल्थ के लिए दोनों में से क्या है बेहतर ..</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शक्कर या चीनी को मोटापे और डायबिटीज जैसी बीमारियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। इसीलिए, जैसे ही लोग हेल्दी इटिंग की योजना बनाते हैं वैसे ही शक्कर खाना बंद कर देते हैं। हालांकि, जिन लोगों को चीनी वाली चाय-कॉफी  पीने की आदत होती है उनके लिए अचानक से पूरी तरह से शक्कर छोड़ पाना आसान नहीं होता। ऐसे में उन लोगों को रिफाइंड शुगर  की जगह ब्राउन शुगर का सेवन करने की सलाह भी दी जाती है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-06/brown-sugar-vs-white-sugar-1920w.webp" alt="brown-sugar-vs-white-sugar-1920w" width="900" height="600" /></p>
<p>सफेद शक्कर या ब्राउन शुगर जानिए हेल्थ के लिए दोनों में से क्या है बेहतर, साथ ही जानें दोनों के फायदे-नुकसान<br />रिफाइंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/white-sugar-or-brown-sugar-know-which-is-better-for/article-4627"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-06/brown-sugar-vs-white-sugar-1920w.webp" alt=""></a><br /><p>शक्कर या चीनी को मोटापे और डायबिटीज जैसी बीमारियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। इसीलिए, जैसे ही लोग हेल्दी इटिंग की योजना बनाते हैं वैसे ही शक्कर खाना बंद कर देते हैं। हालांकि, जिन लोगों को चीनी वाली चाय-कॉफी  पीने की आदत होती है उनके लिए अचानक से पूरी तरह से शक्कर छोड़ पाना आसान नहीं होता। ऐसे में उन लोगों को रिफाइंड शुगर  की जगह ब्राउन शुगर का सेवन करने की सलाह भी दी जाती है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-06/brown-sugar-vs-white-sugar-1920w.webp" alt="brown-sugar-vs-white-sugar-1920w" width="900" height="600"></img></p>
<p>सफेद शक्कर या ब्राउन शुगर जानिए हेल्थ के लिए दोनों में से क्या है बेहतर, साथ ही जानें दोनों के फायदे-नुकसान<br />रिफाइंड शक्कर की तुलना में गुड़ या ब्राउन शुगर का सेवन कुछ लोगों के लिए बेहतर माना जाता है। आइए जानें सफेद शक्कर की बजाय ब्राउन शुगर का सेवन कितना सेफ या हेल्दी है?</p>
<p>क्या ब्राउन शुगर है रिफाइंड शुगर से बेहतर ? <br />हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी भी तरह की शक्कर का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। हालांकि, रिफाइंड शक्कर की तुलना में गुड़  और ब्राउन शुगर का सेवन कुछ लोगों के लिए बेहतर माना जाता है। आइए जानें सफेद शक्कर की बजाय ब्राउन शुगर का सेवन कितना सेफ या हेल्दी है? </p>
<p>शरीर के लिए एक सीमित मात्रा में शक्कर का सेवन भी जरूरी माना जाता है। लेकिन, अगर आप बहुत अधिक मात्रा में शक्कर का सेवन करते हैं तो इससे आपकी हेल्थ  बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। शक्कर एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो फलों और अनाजों में भी पाया जाता है। इससे शरीर को शक्ति मिलती है। वहीं, जब शक्कर को रिफाइंड किया जाता है तो इसमें से पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इससे रिफाइंड शुगरया सफेद शक्कर में अनहेल्दी कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।<br />मोटापा बढ़ा सकती है सफेद शक्कर<br />हालांकि, दोनों तरह की शक्कर में कैलोरी होती है और अगर आप कसरत नहीं करते हैं या बहुत अधिक सुस्त रहते हैं तो आपके लिए किसी भी तरह की चीनी का सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे मोटापा बढ़ सकता है। चीनी से मिलने वाली कैलोरी धीरे-धीरे शरीर में फैट के तौर पर जमा होने लगता है और इससे शरीर का वजन बढ़ने लगता है।</p>
<p>सफेद शक्कर खाने के नुकसान <br />ब्राउन शुगर या नेचुरल शुगर की तुलना में धीमी गति से पचती है। इसीलिए, जब आप ब्राउन शुगर का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर पर धीरे-धीरे प्रभाव दिखायी देता है। वहीं, जब आप सफेद शक्कर का सेवन करते हैं तो यह तुरंत डाइजेस्ट हो जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 15:35:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईद के जश्न से पहले पाकिस्तान में कांगो बुखार का कहर! </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुनियाभर में कोरोना महामारी, काली खांसी, वेस्ट नाइल फीवर और अलग-अलग बीमारियां फैल रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान में खतरनाक कांगो वायरस  का खतरा मंडरा रहा है। जहां एक तरफ पाकिस्तान में बकरीद की तैयारियां शुरू हैं। वहीं, दूसरी ओर लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर दहशत फैलने लगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में कांगो बुखार से दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इसके बाद पाकिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने इस बीमारी से बचाव के लिए नागरिकों के लिए एक अलर्ट जारी किया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(31).jpeg" alt="download (31)" /></p>
<p>कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांगो बुखार के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/congo-fever-wreaks-havoc-in-pakistan-before-eid-celebration/article-4417"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/download-(31).jpeg" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में कोरोना महामारी, काली खांसी, वेस्ट नाइल फीवर और अलग-अलग बीमारियां फैल रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान में खतरनाक कांगो वायरस  का खतरा मंडरा रहा है। जहां एक तरफ पाकिस्तान में बकरीद की तैयारियां शुरू हैं। वहीं, दूसरी ओर लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर दहशत फैलने लगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में कांगो बुखार से दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इसके बाद पाकिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने इस बीमारी से बचाव के लिए नागरिकों के लिए एक अलर्ट जारी किया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(31).jpeg" alt="download (31)"></img></p>
<p>कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांगो बुखार के कारण पाकिस्तान में अब तक 2 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जिसके बाद पाकिस्तान के अटौक जिले के टेक्सिला शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। रोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने जिले में धारा-144 को लागू कर दिया है और बकरीद के कुछ दिन पहले तक पशु बाजार को भी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>कांगो बुखार को क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (Crimean-Congo hemorrhagic fever) भी कहा जाता है। यह एक वायरस के फैलने वाला बुखार है, जो पशुओं की चमड़ी में रहने वाले हिमोरल टिक्स के काटने से फैलता है। जब यह कीड़ा इंसान को काटता है, तो इसका वायरस हमारे खून के संपर्क में आ जाता है। इसके चलते इंसान को काफी तेज बुखार का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>कांगो बुखार के लक्षण<br />शरीर में तेज दर्द।<br />जी मिचलाना।<br />पेट में दर्द रहना।<br />कमर में दर्द।<br />आंखों में जलन और दर्द।<br />शरीर का तापमान अधिक रहना।<br />बचाव के उपाय<br />जानवरों के बीच रहने वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।<br />हमेशा फुल स्लीव्स के कपड़े ही पहने जिससे आपको कोई कीड़ा काट न सके।<br />यदि किसी पशु के शरीर में इस तरह के कीड़े दिखाई देते हैं, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 May 2024 15:02:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पैरों में रक्त प्रवाह बढ़ाने के लिए जरूर करें ये 4 योगासन, दर्द से मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बुढ़ापे में पैरों में दर्द होना बहुत ही आम बात है। लेकिन अब यह समस्या 40 साल के बाद से ही लोगों को होने लगती है। इसका मुख्य कारण है आठ से नौ घंटे की जॉब के कारण एक ही जगह बैठे रहना या फिर फिजिकल एक्टिविटी की कमी आदि। इन सबसे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन ठीक तरह से नहीं हो पाता। ऐेसे में पैरों में दर्द, सूजन और ऐंठन की समस्याएं होने लगती हैं। कुछ योगासन आपके पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा सकते हैं। जिससे आपको काफी आराम मिल सकता है। कुछ योगासन आपके पैरों में रक्त प्रवाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/to-increase-blood-flow-in-the-legs-do-these-4/article-4346"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/download-(13)1.jpeg" alt=""></a><br /><p>बुढ़ापे में पैरों में दर्द होना बहुत ही आम बात है। लेकिन अब यह समस्या 40 साल के बाद से ही लोगों को होने लगती है। इसका मुख्य कारण है आठ से नौ घंटे की जॉब के कारण एक ही जगह बैठे रहना या फिर फिजिकल एक्टिविटी की कमी आदि। इन सबसे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन ठीक तरह से नहीं हो पाता। ऐेसे में पैरों में दर्द, सूजन और ऐंठन की समस्याएं होने लगती हैं। कुछ योगासन आपके पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा सकते हैं। जिससे आपको काफी आराम मिल सकता है। कुछ योगासन आपके पैरों में रक्त प्रवाह (Yoga for blood circulation in legs) को बेहतर बनाने में मददगार होते हैं। इससे मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(13)1.jpeg" alt="download (13)"></img></p>
<p>1. ​​विपरीतकरणी आसन</p>
<p>यह आसन सेहत की डबल डोज जैसा है। इससे आपके पैरों में रक्त प्रवाह भी तेज होता है और दिल भी सेहतमंद रहता है। इसे करना बहुत आसान है। इसके लिए एक योगा मैट लें और पीठ के बल लेट जाएं। धीरे-धीरे अपने पैरों को दीवार पर ऊपर उठाएं, हिप्स 90 डिग्री के कोण पर रखें। अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें और अपनी पीठ को फर्श पर सपाट रखें। अपने हाथों को समानान्तर रखें। इस स्थिति में 1 मिनट तक रहें। फिर धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ते हुए अपने पैरों को नीचे लाएं।</p>
<p>2. उत्कटासन<br />चेयर पोज को उत्कटासन भी कहा जाता है। यह आसन पैरों में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह पाचन तंत्र भी सुधारता है। इससे पेट और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें जैसे कि आप एक कुर्सी पर बैठने जा रहे हों, अपनी पीठ को सीधा रखें। अपनी जांघों को फर्श के समानांतर रखने की कोशिश करें। हाथों को ऊपर उठाएं और नमस्ते की मुद्रा में रखें। इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें और फिर नॉर्मल हो जाएं।</p>
<p>3. ​पादहस्तासन<br />पादहस्तासन को हैंड्स टू फीट पोज भी कहा जाता है। यह आसान पैरों के साथ ही रीढ़ की हड्डी के लिए भी अच्छा है। यह पैरों से हृदय की ओर होने वाले रक्त प्रवाह को बढ़ता है। साथ ही पाचन तंत्र में भी सुधार करता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। आपकी पीठ बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। अब गहरी श्वास लें और अपने हाथों को ऊपर उठाएं। अब पैरों की ओर झुकें। अपने धड़ को जितना हो सके जांघों की ओर लाने का प्रयास करें। अब हाथों को अपने पैरों के पास जमीन पर रखने का प्रयास करें। यदि आप जमीन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो टखनों, पिंडली या घुटनों को पकड़ें। इस स्थिति में कुछ देर रुकें, धीमी और गहरी सांस लेते रहें। धीरे-धीरे सीधे खड़े हो जाएं। इसे आप तीन से पांच बार कर सकते हैं।</p>
<p>4. जानु शीर्षासन<br />अगर आप अक्सर पैरों में ऐंठन और पिंडलियों में दर्द महसूस करते हैं तो यह आसन आपको जरूर करना चाहिए। इसके लिए एक योगा मैट पर एक पैर फैलाकर और दूसरा मोड़कर बैठें। गहरी सांस लें और रीढ़ को सीधा रखें। अब सांस छोड़ें और हिप्स से आगे की ओर झुकें। पैर के अंगूठे या पिंडली तक झुकने की कोशिश करें। इस मुद्रा में करीब 30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकें। फिर नॉर्मल हो जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 16:17:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मटका या फ्रीज... गर्मी में किसका पानी सेहतमंद, फायदा जान तुरंत दौडेंगे बाजार!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस वक्त दिल्ली सहित समूचे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. राजधानी में तो तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. ऐसे में इस वक्त हर किसी का प्राण ठंडे पानी में अटका रहता है. शहरीकरण और भागदौड़ की जिंदगी में पानी को ठंडा करने का सबसे आसान तरीका फ्रीज है. लेकिन, आज भी एक बड़ा तबका मटके का पानी पीना पसंद करता है. ऐसे में हम आज आपके साथ मटके और फ्रीज… इनमें से किसका पानी सेहत के लिए बेहतर होता है, इसको लेकर चर्चा करते हैं.</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/images-(3).jpeg" alt="images (3)" /></p>
<div></div>
<p>मटका हमारी संस्कृति का हिस्सा है. जब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/people-have-started-calling-her-aunty-if-you-get-this/article-4323"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><p>इस वक्त दिल्ली सहित समूचे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. राजधानी में तो तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. ऐसे में इस वक्त हर किसी का प्राण ठंडे पानी में अटका रहता है. शहरीकरण और भागदौड़ की जिंदगी में पानी को ठंडा करने का सबसे आसान तरीका फ्रीज है. लेकिन, आज भी एक बड़ा तबका मटके का पानी पीना पसंद करता है. ऐसे में हम आज आपके साथ मटके और फ्रीज… इनमें से किसका पानी सेहत के लिए बेहतर होता है, इसको लेकर चर्चा करते हैं.</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/images-(3).jpeg" alt="images (3)"></img></p>
<div></div>
<p>मटका हमारी संस्कृति का हिस्सा है. जब देश-दुनिया में बिजली नहीं थी और फ्रीज का आविष्कार नहीं हुआ था तब भीषण गर्मी में पानी को ठंडा करने का एक ही विकल्प था मटका. लेकिन, विकास के दौड़ में बिजली और घर-घर फ्रीज के पहुंचने की वजह से मटके की मांग कम हो गई. लोग ठंडे पानी के लिए फ्रीज पर निर्भर हो गए. लेकिन, हम सभी को पता है कि हमारी परंपरा काफी समृद्ध रही है. परंपरागत और नेचुरल चीजों की बात ही अलग है. ऐसे में निश्चिततौर पर मटके का पानी, फ्रीज की तुलना में ज्यादा सेहतमंद होता है.</p>
<p><strong>प्राकृतिक रूप से ठंडा</strong><br />किसी भी चीज में जब नेचुरल शब्द जुड़ जाता है तो फिर उससे बेहतर कुछ नहीं होता. मटका में पानी नेचुरल तरीके से ठंडा होता है. दरअसल, मटका में पानी ठंडा होने की जो प्रक्रिया है उसके पीछे साइंस के वाष्पीकरण (evaporation) का सिद्धांत काम करता है. इसके साथ ही मटके के पानी का स्वाद भी बदल जाता है. ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि मिट्टी में मौजूद मिनरल के अंश पानी में घुल जाते हैं.</p>
<p><strong>अल्कालाइन बैलेंस</strong><br />मटके की एक खासियत यह है कि इसमें पानी अपने-आप अल्कालाइन यानी क्षारीय हो जाता है. मिट्टी में मौजूद कैल्शियम, मैगनेशियम और पोटैशियम के अंश पानी में घुलने की वजह से ऐसा होता है. आयुर्वेद में अल्कालाइन वाटर को पेट के लिए बेहद कारगर बताया गया है. इसे लीवर और किडनी के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इससे कब्ज नहीं बनता और पाचन बेहतर होता है. मिट्टी के इस बर्तन से पानी में pH का बैलेंस भी बना रहता है, जिससे बॉडी में नेचुरल तरीके से डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया होती है. pH का मतलब पानी में अम्ल और क्षार का स्तर होता है.</p>
<p><strong>भरपूर पोषक तत्व</strong><br />मिट्टी के बर्तन की वजह से पानी में पोषक तत्व बना रहता है. इतना ही नहीं प्लास्टिक या मेटल के बर्तन की तरह मटके से कोई हानिकारक तत्व रिलीज नहीं होता. इस कारण मटके में पानी की प्राकृतिक शुद्धता बनी रहती है. ऐसे में जब आप मटके का पानी पीते हैं तो आप उसका 100 फीसदी प्राकृतिक लाभ लेते हैं.</p>
<p><strong>प्राकृतिक समाधान</strong><br />मटका, पानी ठंडा करने का एक प्राकृतिक तरीका है. प्लास्टिक या मेटल के बोतल की तुलना में यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली है. इससे प्रकृति को कोई नुकसान नहीं होता है. दूसरी तरफ प्लास्टिक और मेटल के बर्तन से सीधे तौर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है.</p>
<p><strong>सांस्कृतिक पहचान</strong><br />मिट्टी के बर्तन हमारी परंपरा के हिस्सा हैं. इसे बनाना एक हुनर है. इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है. साथ ही हम इसके जरिए हजारों साल पुरानी अपनी परंपरा और ज्ञान को आगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं.</p>
<p><strong>सावधानी<br /></strong>मटके के तमाम फायदे जानने के बावजूद हमें कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए. हमें बाजार से अच्छी मिट्टी से बने मटके खरीदने चाहिए. हालांकि, इसकी पहचान करना एक मुश्किल काम है. कई इलाकों में मिट्टी भी प्रदूषित हो गई है, ऐसे में अगर प्रदूषित मिट्टी से मटका बनाया गया होगा तो उससे पानी भी खराब हो सकता है. साथ ही मटके की साफ-सफाई भी जरूरी है. मटके की पेंदी में हमेशा नमी रहती है. इस कारण उसमें फंगस लगने की आशंका रहती है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 15:59:41 +0530</pubDate>
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