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                <title>Jhajjar - Punjab News Times</title>
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                <title>हरियाणा के अमन ने ओलिंपिक में जीता ब्रॉन्ज मेडल ,छोटी उम्र में खोए माता-पिता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पेरिस ओलिंपिक में हरियाणा के पहलवान अमन सहरावत ने भारत को रेसलिंग का पहला मेडल दिलाया। उन्होंने 57kg वेट कैटेगरी में प्यूर्टो रिको के डरलिन तुई क्रूज को 13-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। अमन ने ये मेडल अपने दिवंगत माता-पिता और देश को समर्पित किया। उन्होंने 11 साल की उम्र में माता-पिता को खो दिया था। पिता का सपना था कि बेटा मेडल जीते।</p>
<p style="text-align:justify;">21 साल 24 दिन के अमन भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट बन गए हैं। इसी के साथ अमन ने भारतीय रेसलर्स की उस विरासत को आगे बढ़ाया, जिसकी नींव 1952 में केडी जाधव ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/haryana/aman-from-haryana-won-bronze-medal-in-olympics-lost-parents/article-5119"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-08/guj0kdpwcaatqmw.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पेरिस ओलिंपिक में हरियाणा के पहलवान अमन सहरावत ने भारत को रेसलिंग का पहला मेडल दिलाया। उन्होंने 57kg वेट कैटेगरी में प्यूर्टो रिको के डरलिन तुई क्रूज को 13-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। अमन ने ये मेडल अपने दिवंगत माता-पिता और देश को समर्पित किया। उन्होंने 11 साल की उम्र में माता-पिता को खो दिया था। पिता का सपना था कि बेटा मेडल जीते।</p>
<p style="text-align:justify;">21 साल 24 दिन के अमन भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट बन गए हैं। इसी के साथ अमन ने भारतीय रेसलर्स की उस विरासत को आगे बढ़ाया, जिसकी नींव 1952 में केडी जाधव ने ब्रॉन्ज जीतकर रखी थी। भारतीय रेसलर्स ने लगातार 5वें ओलिंपिक खेलों में मेडल जीता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमन सेहरावत गुरुवार को सेमीफाइनल मैच हार गए थे। उन्हें जापान के पहलवान ने 10-0 से पटखनी दी। सेमीफाइनल के बाद अमन का वजन 61.5 KG हो गया था, जो उनकी वेट कैटेगरी 57 किलोग्राम से 4.5 किलो ज्यादा था। अमन और उनके कोच ने महज 10 घंटे के अंदर 4.6 KG वजन घटाया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए रात में डेढ़ घंटे का मैट सेशन किया। जिम में ट्रेडमिल पर एक घंटे तक बिना रुके दौड़ लगाई। नींबू और शहद के साथ गुनगुना पानी और थोड़ी-सी कॉफी पीने को दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अमन के दादा मांगेराम सहरावत ने कहा कि पोता गोल्ड मेडल से चूक गया, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल ले आया। हम बहुत खुश हैं। गोल्ड मेडल की कमी को पोता अगले ओलिंपिक में पूरा करेगा। हमें बहुत अच्छा लग रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमन के भाई सतबीर सहरावत ने कहा कि पेरिस ओलिंपिक टिकट क्वालीफाई होते ही उसने परिवारवालों से वादा किया था कि वह गोल्ड मेडल जीत पर ही वापस लौटेगा। हालांकि वह गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल से उसकी भरपाई हो गई। मेडल आना ही हमारे लिए खुशी की बात है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-08/guj0kdpwcaatqmw.jpeg" alt="GUj0kdPWcAAtQmW" width="1200" height="955"></img></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमन को बधाई देते हुए X पर लिखा, 'हमारे पहलवानों की बदौलत हमें और गर्व है। पेरिस ओलिंपिक में पुरुषों की फ्री स्टाइल 57 किलोग्राम में कांस्य पदक जीतने के लिए अमन सेहरावत को बधाई। उनकी लगन और दृढ़ता साफ तौर पर दिखाई देती है। पूरा देश इस उल्लेखनीय उपलब्धि का जश्न मना रहा है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Sport</category>
                                            <category>National</category>
                                            <category>Haryana</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 11:32:59 +0530</pubDate>
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                <title>बहादुरगढ़ की फैक्टरियों में 600 करोड़ का माल अटका&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Farmer protest goods worth Rs 600 crore
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/haryana/farmer-protest-goods-worth-rs-600-crore/article-3443"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-02/capture-33.jpg" alt=""></a><br />
<p>Farmer protest goods worth Rs 600 crore</p>



<p>किसान आंदोलन के चलते बॉर्डर सील कर रास्ते बंद कर दिए गए है। इस कारण क्षेत्र की 7000 छोटी बड़ी फैक्टरी में तैयार माल की डिलीवरी रुक गई है। 2 दिन में फैक्टरी में 600 करोड़ का माल पड़ा है। माल की डिलिवरी समय पर न होने से ऑर्डर निरस्त हो रहे है। आगे भी माल के नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे। उद्यमियों का कहना है कि यदि रास्ते जल्द नहीं खुले तो यहां के उद्योग चौपट हो जाएंगे। बहादुरगढ़ में एक नहीं बल्कि कई औद्योगिक क्षेत्र है। इनमें आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट-ए व बी सेक्टर-9 मोड़ से टीकरी बॉर्डर के बीच है। एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16, 17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, रोहद नगर औद्योगिक क्षेत्र, निजामपुर रोड, झज्जर रोड समेत अन्य स्थानों पर सात हजार फैक्टरी है। बहादुरगढ़ में फैक्टरी चलाने वाले 90 प्रतिशत लोग दिल्ली से आवागमन करते है। अब बॉर्डर सील होने के बाद बहादुरगढ़ आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके कारण या तो जल्दी बहादुरगढ़ से जाना पड़ता है या फिर देर रात को यहां से निकलते है।</p>



<p>Read also: <a href="http://projects.nginx/punjabnewstimes/punjab-agriculture-minister/">पंजाब के कृषि मंत्री द्वारा किसानों के मुद्दों को नजरअन्दाज करने के लिए केंद्र सरकार की सख़्त आलोचना</a></p>



<p> प्लाईवुड उद्यमी सतीश, रोशन ने बताया कि दिल्ली सहित जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, कोटा, राजसमंद, बाड़मेर, भरतपुर, अलवर, अजमेर, अहमदाबाद, सूरत, बडोदरा, अमरेली, भावनगर, जामनगर, राजकोट, मुंबई, नागपुर, नासिक, पुणे, पणजी सहित अन्य राज्यों के कई जिलों का माल अभी तक नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, रोहतक, जींद, भिवानी सहित अन्य जिलों में भी सप्लाई बाधित हो गई है। माल ट्रांसपोर्ट पर बुक होने के बाद भी आपूर्ति नहीं होने और कुछ माल रास्ते में फंसा होने से उद्यमियों व कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, जिले में प्लाईवुड का बड़ा कारोबार है। यहां पर करीब 400 से ज्यादा छोटी बड़ी ईकाइयां है। यहां तैयार प्लाईवुड की काफी मांग है और गुणवत्ता अच्छी होने के चलते इसकी पूरे देश में आपूर्ति की जाती है। आवाजाही ठप होने से ईकाइयों में तैयार 80 प्रतिशत यही पड़ा है। 4 दिन से माल तैयार है, लेकिन आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस दौरान जिले के 200 से ज्यादा ट्रकों का माल अधर में लटका हुआ है। 4 दिन में प्लाईवुड उद्योग का करीब 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हरियाणाा प्लाईवुड मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान जेके बिहानी ने बताया कि दिल्ली बंद होने से कारोबार पर काफी असर पड़ा है। देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाने वाला माल दिल्ली के रास्ते ही जाता है। दिल्ली के रास्ते मध्यप्रदेश, गुजराज, मुंबई, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित माल भेजा जाता है। परंतु अब सीमाएं सील होने के कारण सप्लाई ठप है। तैयार माल फैक्टिरियों, गोदामों व ट्रांसपोर्ट पर पड़ा है। जबकि कुछ माल रास्ते में फंसा पड़ा है।</p>



<p>Farmer protest goods worth Rs 600 crore</p>
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                                                            <category>Haryana</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Feb 2024 11:47:07 +0530</pubDate>
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