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                <title>India - Punjab News Times</title>
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                            <item>
                <title>पाकिस्तान सरकार ने पहलगाम हमले में अपनी involvement  पर पीएम मोदी के भाषण पर दी प्रतिक्रिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में इस्लामाबाद की संलिप्तता के बारे में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि वह "निराश" है। जम्मू-कश्मीर के कटरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना "इंसानियत और कश्मीरियत" पर एक हमला है, साथ ही उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत में दंगे भड़काना था। उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य भारत में दंगे भड़काना और कश्मीर के मेहनतकश लोगों की आजीविका को बाधित करना था। इसलिए पाकिस्तान ने पर्यटकों को निशाना बनाया।"</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/pakistan-government-responded-to-pm-modis-speech-on-its-involvement/article-7748"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-06/download.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में इस्लामाबाद की संलिप्तता के बारे में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि वह "निराश" है। जम्मू-कश्मीर के कटरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना "इंसानियत और कश्मीरियत" पर एक हमला है, साथ ही उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत में दंगे भड़काना था। उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य भारत में दंगे भड़काना और कश्मीर के मेहनतकश लोगों की आजीविका को बाधित करना था। इसलिए पाकिस्तान ने पर्यटकों को निशाना बनाया।" पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि इस्लामाबाद "भारत में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने और मेहनतकश कश्मीरियों की कमाई को कम करने का इरादा रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पीएम मोदी की टिप्पणियों पर टिप्पणी की और कहा कि वह "निराधार और भ्रामक" टिप्पणियों को दृढ़ता से खारिज करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एक बयान में कहा, "हम इस बात से बेहद निराश हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री ने एक बार फिर पाकिस्तान पर पहलगाम हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि उन्होंने इसके लिए कोई भी विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने पाकिस्तान की साजिश के खिलाफ खड़े होने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों की भी प्रशंसा की।</p>
<p style="text-align:justify;">“जम्मू-कश्मीर के युवा अब आतंकवाद का कड़ा जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, "यह वही आतंकवाद है जिसने घाटी में स्कूलों को जला दिया, अस्पतालों को नष्ट कर दिया और पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया।"</p>
<p style="text-align:justify;">भारत-पाकिस्तान तनाव<br />22 अप्रैल को पहलगाम के पास बैसरन में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों, ज्यादातर पर्यटकों पर गोलीबारी करने के बाद दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ गया। इस हमले के दौरान कम से कम 26 लोगों की जान चली गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अगले दिन, भारत ने आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ कई उपाय लागू किए, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था।</p>
<p style="text-align:justify;">दो सप्ताह बाद, 7 मई को, भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ढांचों पर हमला किया गया। इस ऑपरेशन के तहत 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के हमले के बाद, पाकिस्तान ने भी नई दिल्ली के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की। हालांकि, सीमा पार से गोलाबारी, ड्रोन और निहत्थे हवाई वाहनों के इस्तेमाल सहित उसके सभी प्रयासों को भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-06/download.jpeg" alt="download" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/sport/sunrisers-hyderabad-opener-abhishek-sharmas-brother-in-law-beat-up/article-7746">सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के जीजा ने युवक को पीटा</a></p>
<p style="text-align:justify;">लगातार जारी तनाव के बीच भीषण लड़ाई के बाद 9-10 मई की रात को भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर लक्ष्य पर हमला किया; इस बार, वे 13 पाकिस्तानी हवाई अड्डे और सैन्य प्रतिष्ठान थे।</p>
<p style="text-align:justify;">चार दिनों तक सीमा पार लड़ाई के बाद, 10 मई को पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक ने अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और एक दूसरे के खिलाफ सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की मांग की। दोनों देशों के बीच सहमति बनी और उन्होंने एक दूसरे के खिलाफ सभी गतिविधियाँ बंद कर दीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 14:03:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेशी हिंदूओं का पक्ष लेने और मोदी का समर्थन करने पर किंग चार्ल्स ने दो भारतीयों से वापस लिया सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने ब्रिटिश भारतीय समुदाय के दो नेताओं से सम्मान वापस ले लिया है. इन दोनों ब्रिटिश भारतीय समुदाय की प्रमुख हस्तियों के नाम रामी रेंजर और हिंदू काउंसिल यूके के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिल भनोट हैं. इनमें एक से बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बात करने और दूसरे से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के लिए सम्मान छीना गया है.</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (6 दिसंबर) को ‘लंदन गजट’ में इस बात की घोषणा की गई थी. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों ब्रिटिश भारतीयों से अपना प्रतीक चिन्ह बकिंघम पैलेस को लौटाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/king-charles-withdraws-honor-from-two-indians-for-taking-side/article-6580"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-12/download-(16).jpg" alt=""></a><br /><p> ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने ब्रिटिश भारतीय समुदाय के दो नेताओं से सम्मान वापस ले लिया है. इन दोनों ब्रिटिश भारतीय समुदाय की प्रमुख हस्तियों के नाम रामी रेंजर और हिंदू काउंसिल यूके के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिल भनोट हैं. इनमें एक से बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बात करने और दूसरे से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के लिए सम्मान छीना गया है.</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (6 दिसंबर) को ‘लंदन गजट’ में इस बात की घोषणा की गई थी. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों ब्रिटिश भारतीयों से अपना प्रतीक चिन्ह बकिंघम पैलेस को लौटाने को कहा जाएगा. वहीं, रामी रेंजर और अनिल भनोट ने इसकी आदेश की घोषणा की निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है.</p>
<p>उल्लेखनीय है कि करोड़पति रामी रेंजर को सीबीई (कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर) और लीसेस्टर में सामुदायिक कला केंद्र संचालित करने वाले अकाउंटेंट अनिल भनोट को ओबीई (ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर) की उपाधि दी गई थी. जिनसे अब किंग चार्ल्स तृतीय ने यह सम्मान वापस मांग लिया है.</p>
<p>बता दें कि एक जब्ती समिति उन मामलों पर विचार करती है, जिनमें सम्मान धारक को सम्मान प्रणाली को बदना करने वाला माना जा सकता है. जब्ती समिति की सिफारिशें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के जरिए राजा को सौंपी गई है.</p>
<p>ओबीई सम्मान पाने वाले अनिल भनोट ने कहा, 'जनवरी में जब्ती कमेटी ने उनसे संपर्क किया था और उन्होंने अपना पक्ष रखा था.' रिपोर्ट के मुताबिक भनोट ने जानकारी दी कि इस्लामोफोबिया का आरोप लगाने वाली शिकायत 2021 में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बारे में थी. उन्होंने कहा कि उस समय हमारे मंदिरों को नष्ट किया जा रहा था और हिंदुओं पर हमला किया जा रहा था लेकिन मीडिया ने इसकी कवरेज नहीं की. मुझे लगा कि कुछ कहना चाहिए. मैंने कुछ भी गलत नहीं किया और न ही मैंने सम्मान प्रणाली को बदनाम किया है. उन्होंने आगे कहा कि इंग्लैंड में अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अतीत की बात हो गई है. मैं इससे काफी परेशान हूं. क्योंकि यह एक सम्मान है, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने मेरी दलील पर बिल्कुल भी ध्यान दिया.</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-12/download-(16).jpg" alt="download (16)" width="750" height="420"></img></p>
<p>कंजर्वेटिव पार्टी के समर्थक औऱ ब्रिटेन में FMCG फर्म सन मार्क लिमिटेड के संस्थापक लॉर्ड रामी रेंजर के प्रवक्ता ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताया और उन्होंने कहा कि वह इस फैसले को चुनौती देंगे. रामी रेंजर को दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने दिसंबर 2015 में ब्रिटिश व्यापार और एशियाई समुदाय के लिए की गई सेवाओं के लिए सीबीई सम्मान से सम्मानित किया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 15:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन साल में देश में इतने बढ़े कैंसर के मरीज, आंकड़ा जानकर उड़ जाएंगे होश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कैंसर को बेहद खौफनाक बीमारी माना जाता है. ऐसे में एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इसमें बताया गया है कि देश में पिछले तीन साल से कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में दी. यकीन मानिए यह आंकड़ा आपके भी होश उड़ा देगा.</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, संसद में प्रश्नकाल के दौरान देश में कैंसर के मामलों को लेकर जानकारी मांगी गई थी. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन साल का आंकड़ा जारी कर दिया. इसमें बताया गया कि साल 2021 के दौरान देशभर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/health/cancer-patients-have-increased-so-much-in-the-country-in/article-6524"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-12/images.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कैंसर को बेहद खौफनाक बीमारी माना जाता है. ऐसे में एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इसमें बताया गया है कि देश में पिछले तीन साल से कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में दी. यकीन मानिए यह आंकड़ा आपके भी होश उड़ा देगा.</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, संसद में प्रश्नकाल के दौरान देश में कैंसर के मामलों को लेकर जानकारी मांगी गई थी. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन साल का आंकड़ा जारी कर दिया. इसमें बताया गया कि साल 2021 के दौरान देशभर में कैंसर के 14,26,447 मामले दर्ज किए गए थे. वहीं, साल 2022 में कैंसर के 35,000 मामले बढ़ गए, जिससे कैंसर के मरीजों का यह आंकड़ा बढ़कर 14,61,427 हो गया. इसके अलावा 2023 के दौरान भी कैंसर के 35,000 मरीज बढ़ गए. इस हिसाब से देखा जाए तो 2021 से 2023 तक देश में कैंसर के 70 हजार मरीज बढ़ चुके हैं. <img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-12/images.jpg" alt="images" width="700" height="420"></img></p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के हवाले से जानकारी देते हुए कहा कि मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह पहले की तुलना में ज्यादा जांच, बेहतर जांच सुविधा, नई तकनीक और लोगों में जागरूकता जैसे कई फैक्टर्स हैं. </p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि संसद में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर भी सवाल पूछा गया. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई भी आंकड़ा नहीं दिया गया. हालांकि, यह जरूर बताया गया कि पहले की तुलना में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान हार्ट अटैक की वजह शराब धूम्रपान, लोगों का कम चलना-फिरना, ज्यादा नमक-चीनी खाना और तली हुई चीजों को ज्यादा खाना बताया गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:09:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, कैप्टन समेत 5 जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में डेसा जंगल के धारी गोटे उरारबागी में आतंकवादियों की फायरिंग में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद हो गए। एक पुलिस कर्मी की भी मौत हो हुई। राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस यहां सोमवार से ही सर्च ऑपरेशन चला रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/gsltmj5aeaabhtc.jpeg" alt="GSltmJ5aEAABHTc" width="510" height="510" /></p>
<p style="text-align:justify;">सर्चिंग के दौरान आतंकी फायरिंग करते हुए भागे। जवानों ने उनका पीछा किया। घना जंगल होने की वजह से आतंकी सुरक्षाबलों को चकमा देते रहे। सोमवार रात 9 बजे के आसपास फिर गोलीबारी हुई। इसमें 5 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/terrorist-attack-in-jammu-and-kashmir-5-soldiers-including-captain/article-4798"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/gsltmj5aeaabhtc.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में डेसा जंगल के धारी गोटे उरारबागी में आतंकवादियों की फायरिंग में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद हो गए। एक पुलिस कर्मी की भी मौत हो हुई। राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस यहां सोमवार से ही सर्च ऑपरेशन चला रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/gsltmj5aeaabhtc.jpeg" alt="GSltmJ5aEAABHTc" width="510" height="510"></img></p>
<p style="text-align:justify;">सर्चिंग के दौरान आतंकी फायरिंग करते हुए भागे। जवानों ने उनका पीछा किया। घना जंगल होने की वजह से आतंकी सुरक्षाबलों को चकमा देते रहे। सोमवार रात 9 बजे के आसपास फिर गोलीबारी हुई। इसमें 5 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। आतंकियों को सेना हेलिकॉप्टर से भी सर्च कर रही है। सेना ने आतंकियों को घेर रखा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मी चीफ से मुठभेड़ की जानकारी ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">जम्मू डिवीजन के डोडा में 34 दिन में यह पांचवां एनकाउंटर है। इससे पहले 9 जुलाई को एनकाउंटर हुआ था। यहां 26 जून को एक हमला और 12 जून को दो हमले हुए थे। सभी हमलों के बाद मुठभेड़ हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया- मेरे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में डोडा जिले के डेसा क्षेत्र में सशस्त्र मुठभेड़ की खबरों से बहुत परेशान हूं। हमारे बहादुरों की शहादत पर शोक व्यक्त करने और निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। हम सभी मिलकर दुश्मन के नापाक मंसूबों को हराएं और शांति और सद्भाव बनाए रखें, जिसके लिए डोडा हमेशा से जाना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने डोडा मुठभेड़ में 5 सैनिकों की हत्या दुख जताया। उन्होंने लोगों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने और सटीक जानकारी देने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 12:13:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीनी सेना ने लद्दाख के पास  से इकट्ठे किये हथियार सैटेलाइट तस्वीर से खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के बॉर्डर के पास बड़े पैमाने पर हथियार इकट्ठा कर रही है। US फर्म ब्लैकस्काई ने इसकी सैटेलाइट इमेज जारी की है। ब्लैकस्काई का दावा है कि इन इमेज में चीनी सैनिकों के बंकर दिखाई दे रहे हैं। इन्हें हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए बनाया गया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/capture1717168500_17204253761.webp" alt="capture1717168500_1720425376" width="512" height="588" /></p>
<p>ये बंकर 2021-22 के दौरान बनाए गए हैं। इनमें ईंधन और हथियारों को छिपाया गया है। इस जगह पर बख्तरबंद गाड़ियां भी देखी गई हैं।</p>
<p>हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंगोंग झील के पास सिरजैप में चीनी सैनिकों का बेस है। यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/chinese-army-collected-weapons-from-near-ladakh-satellite-photo-reveals/article-4713"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/capture1717168500_1720425376.webp" alt=""></a><br /><p>चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के बॉर्डर के पास बड़े पैमाने पर हथियार इकट्ठा कर रही है। US फर्म ब्लैकस्काई ने इसकी सैटेलाइट इमेज जारी की है। ब्लैकस्काई का दावा है कि इन इमेज में चीनी सैनिकों के बंकर दिखाई दे रहे हैं। इन्हें हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए बनाया गया है।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/capture1717168500_17204253761.webp" alt="capture1717168500_1720425376" width="512" height="588"></img></p>
<p>ये बंकर 2021-22 के दौरान बनाए गए हैं। इनमें ईंधन और हथियारों को छिपाया गया है। इस जगह पर बख्तरबंद गाड़ियां भी देखी गई हैं।</p>
<p>हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंगोंग झील के पास सिरजैप में चीनी सैनिकों का बेस है। यहां चीनी सैनिकों का मुख्यालय भी है। इस जगह पर भारत अपना दावा करता आया है। ये जगह LAC से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है।</p>
<div class="f3e032cb">
<p>5 मई 2020 को चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। उस वक्त ये पूरा इलाका खाली था। यहां न कोई गाड़ी थी, न ही कोई चौकी। चीनी सेना ने इसके बाद इलाके में धीरे-धीरे अपनी गतिविधियां बढ़ाईं।</p>
<p>ब्लैकस्काई ने जो तस्वीर ली है वह 30 मई 2024 की है। इसमें एक भूमिगत बंकर साफ दिख रहा है। इस बंकर में 5 दरवाजे हैं। बंकर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे हवाई हमले से कोई नुकसान न हो।</p>
<p>ब्लैकस्काई के एक विशेषज्ञ ने नाम उजागर न करने की शर्त बताया कि इस बेस में कई बख्तरबंद गाड़ियों को छिपाया जा सकता है, परीक्षण रेंज, ईंधन और गोला-बारूद को इकट्ठा करने के लिए भी यहां जगह है। चीनी सेना ने इस बंकर तक पहुंचने के लिए सड़कों और खाइयों का नेटवर्क बनाया है।</p>
<p>ये बेस गलवान घाटी से 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है, जहां जून 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान 20 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी।</p>
<p>पूर्वी लद्दाख में नए खुलासे पर अब तक भारत सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। एक पूर्व भारतीय सेना के अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि आज के समय में उपग्रहों या हवाई निगरानी प्लेटफॉर्मों का उपयोग करके सब कुछ सटीक रूप से पता लगाया जा सकता है। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए सुरंग बनाना ही एकमात्र उपाय है।</p>
<p>इस साल मई में चीन ने उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम के समीप तिब्बत में शिगात्से एयरबेस पर अत्याधुनिक J20 स्टेल्थ लड़ाकू विमानों को तैनात किया था। 27 मई को जारी सैटेलाइट तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ था। ये इलाका भारत के पूर्वी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से केवल 150 किलोमीटर दूर है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 18:31:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>क्या था लाहौर घोषणापत्र, जिसके बाद पाक ने किया विश्वासघात, अब शरीफ ने कहा-हमारी गलती थी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत ने 1999 में पाकिस्तान के साथ आपसी शांति के लिए लाहौर घोषणापत्र पर साइन किया था. लेकिन इसके तुरंत बाद जनरल परवेज मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध छेड़कर समझौते को ना केवल तोड़ा बल्कि विश्वासघात भी किया. तब भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जो इस समझौते पर साइन करने लाहौर गए थे. पाकिस्तान के पीएम तब नवाज शरीफ थे. जो फिर पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अध्यक्ष चुने गए हैं.</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(36)1.jpeg" alt="download (36)" /></p>
<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने माना इस्लामाबाद ने भारत के साथ 1999 में शांति समझौते का “उल्लंघन” किया. इसके लिए नवाज शरीफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/what-was-the-lahore-declaration-after-which-pakistan-betrayed-now/article-4433"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/download-(36)1.jpeg" alt=""></a><br /><p>भारत ने 1999 में पाकिस्तान के साथ आपसी शांति के लिए लाहौर घोषणापत्र पर साइन किया था. लेकिन इसके तुरंत बाद जनरल परवेज मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध छेड़कर समझौते को ना केवल तोड़ा बल्कि विश्वासघात भी किया. तब भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जो इस समझौते पर साइन करने लाहौर गए थे. पाकिस्तान के पीएम तब नवाज शरीफ थे. जो फिर पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अध्यक्ष चुने गए हैं.</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(36)1.jpeg" alt="download (36)"></img></p>
<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने माना इस्लामाबाद ने भारत के साथ 1999 में शांति समझौते का “उल्लंघन” किया. इसके लिए नवाज शरीफ ने जनरल परवेज मुशर्रफ को कोसा, जिन्होंने तब शरीफ को सैन्य तख्तापलट के बाद पीएम की कुर्सी से हटाकर खुद देश के प्रमुख बन गए थे.</p>
<p>जब तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी समझौता एक्सप्रेस बस से दिल्ली से लाहौर के लिए रवाना हुए तो वाघा बॉर्डर पर उनका जमकर स्वागत हुआ. इस बस में वाजेपेयी के साथ देव आनंद, सतीश गुजराल, जावेद अख्तर, कुलदीप नैयर, कपिल देव, शत्रुघ्न सिन्हा और मल्लिका साराभाई जैसी भारतीय हस्तियां सवार थीं.</p>
<p>तीन दिनों की बातचीत के बाद नवाज शरीफ और अटल बिहारी वाजपेयी ने 21 फरवरी, 1999 को लाहौर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए. दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता के दृष्टिकोण पर बात करने वाला ये एक शानदार समझौता था. हालांकि बमुश्किल ढाई महीने ही चल सका. इसी दौरान जम्मू और कश्मीर के कारगिल जिले में बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी घुसपैठ हो रही थी. मामला इतना गंभीर हो गया कि मई से युद्ध छिड़ने की नौबत आ गई.</p>
<p>दोनों देशों ने वर्ष 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे, उससे तनाव बढ़ने लगा था. इसे खत्म करने के लिए इसी साल के अंतिम महीनों में दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने शांति प्रक्रिया के लिए पहल शुरू की. इसके तहत 23 सितंबर 1998 को एक द्विपक्षीय समझौता हुआ. दोनों सरकारों ने शांति और सुरक्षा के माहौल को बनाने और सभी तरह के विवाद को द्विपक्षीय बातचीत के आधार पर तय करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, यही लाहौर घोषणा पत्र का आधार बना.</p>
<p><strong>क्या था लाहौर घोषणा पत्र</strong><br />अब जानते हैं कि ये लाहौर घोषणापत्र क्या था. ये भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय समझौता और शासन संधि थी. इस समझौते पर जब वाजपेयी और शरीन ने साइन करके इस पर मुहर लगाई तो उसी वर्ष दोनों देशों की संसद ने इसकी पुष्टि भी कर दी यानि कि दोनों देशों की संसद ने भी इसे हरी झंडी दे दी.</p>
<p>संधि की शर्तों के तहत, परमाणु शस्त्रागार के विकास और परमाणु हथियारों के आकस्मिक और अनधिकृत इस्तेमाल से बचने की दिशा में आपसी समझ बनी. लाहौर घोषणा ने दोनों देशों के नेतृत्व को परमाणु दौड़ को खत्म करने के साथ आपसी टकराव से बचने की बात की थी. इस संधि का उद्देश्य दक्षिण एशिया में सैन्य तनाव को कम करना भी था. ये समझौता इसलिए अहम था, क्योंकि ये दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास का नया माहौल बना रहा था.</p>
<div class="middlead">
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</div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 29 May 2024 14:21:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PAK मूल के बिजनेसमैन ने मोदी की तारीफ़ कहा  मोदी भारत के बेहतरीन लीडर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन साजिद तरार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ताकतवर नेता बताया है। बिजनेसमैन ने कहा है कि मोदी न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छे नेता हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि एक दिन पाकिस्तान को भी उनके जैसा नेता मिल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यूज एजेंसी  से बातचीत करते हए तरार ने कहा, "मोदी एक अद्भुत नेता हैं। वह एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने तनाव के बावजूद पाकिस्तान का दौरा किया और अपनी राजनीतिक इमेज को जोखिम में डाला। मुझे उम्मीद है कि मोदी जी पाकिस्तान के साथ फिर बातचीत करेंगे, जिससे दोनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/businessman-of-pak-origin-praised-modi-and-said-that-modi/article-4228"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/1230242-tarar-1479074197_1715751550.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन साजिद तरार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ताकतवर नेता बताया है। बिजनेसमैन ने कहा है कि मोदी न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छे नेता हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि एक दिन पाकिस्तान को भी उनके जैसा नेता मिल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यूज एजेंसी  से बातचीत करते हए तरार ने कहा, "मोदी एक अद्भुत नेता हैं। वह एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने तनाव के बावजूद पाकिस्तान का दौरा किया और अपनी राजनीतिक इमेज को जोखिम में डाला। मुझे उम्मीद है कि मोदी जी पाकिस्तान के साथ फिर बातचीत करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू होगा। एक शांतिपूर्ण पाकिस्तान भारत के लिए भी अच्छा है।"</p>
<p style="text-align:justify;">एक सवाल का जबाव देते हुए तारिक ने कहा कि नरेंद्र मोदी ही भारत के अगले प्रधानमंत्री होंगे, यह सभी जगह दिख रहा है। इसी के साथ वे तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/1230242-tarar-1479074197_1715751550.webp" alt="1230242-tarar-1479074197_1715751550"></img></p>
<p style="text-align:justify;">साजिद तरार 1990 के दौरान बिजनेस के लिए पाकिस्तान से अमेरिका चले गए थे। हालांकि अभी भी उनके पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध हैं। तरार ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह एक चमत्कार से कम नहीं है कि 97 करोड़ से ज्यादा लोग भारत में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं वहां मोदी जी की लोकप्रियता देख रहा हूं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि 2024 में भारत का जो विकास हुआ वह अद्भुत है। यह दुनियाभर के देशों के लिए एक मिसाल है। तरार ने कहा, "आप भविष्य में देखेंगे कि लोग भारतीय लोकतंत्र से बहुत कुछ सीखेंगे।"</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान की आर्थिक तंगहली के सवाल पर जवाब देते हुए तरार ने कहा, "पाकिस्तान आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस कारण से PoK समेत देश के कई हिस्सों में अशांति पैदा हो गई है। मंहगाई तेजी से बढ़ी है, पेट्रोल-बिजली के कीमतें आसमान छू रही हैं, IMF टैक्स बढ़ाना चाहता है और हम निर्यात करने में सक्षम नहीं हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि PoK में बिजली बिलों में बढ़ोतरी की वजह से लोग गुस्से में हैं। तरार ने PoK के लोगों को आर्थिक मदद देने के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के फैसले पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है इसके लिए पाकिस्तान के पास पैसा कहां से आएंगे। अभी पाकिस्तान IMF से नए पैकेज पर चर्चा कर रहा है। देश वित्तीय संकट से गुजर रहा है, लेकिन जमीनी मुद्दे पर किसी तरह की चर्चा नहीं हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार में बात नहीं की जा रही कि निर्यात कैसे बढ़ाया जाए, आतंकवाद पर कैसे काबू पाया जाए, और कानून व्यवस्था कैसे सुधारी जाए। फिलहाल तो पूरे पाकिस्तान में POK जैसी अशांति है। हम चाहते हैं कि हमें कोई ऐसा नेतृत्व मिले जो हमारे मुद्दों का हल निकाल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 May 2024 13:57:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत आ रहा है शी जिनपिंग का यह खास दूत , जानिए क्या है इसके पीछे की वजह </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा है कि चीन अधिक भारतीय कंपनियों को अपने बाजार में प्रवेश की सुविधा देकर इस मुद्दे का समाधान करने को तैयार है. वर्षों से भारत के लिए चिंता का विषय रहा व्यापार घाटा वर्ष 2023 में 99.2 अरब अमरीकी डॉलर हो गया जबकि चीन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार 136.2 अरब डॉलर था. वर्ष 2022 में व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर से अधिक 101 अरब डॉलर रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(18).jpeg" alt="download (18)" /></p>
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<p style="text-align:justify;">भारत इस संबंध में समय-समय पर अपनी चिंता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/this-special-envoy-of-xi-jinping-is-coming-to-india/article-4210"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-05/download-(18).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा है कि चीन अधिक भारतीय कंपनियों को अपने बाजार में प्रवेश की सुविधा देकर इस मुद्दे का समाधान करने को तैयार है. वर्षों से भारत के लिए चिंता का विषय रहा व्यापार घाटा वर्ष 2023 में 99.2 अरब अमरीकी डॉलर हो गया जबकि चीन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार 136.2 अरब डॉलर था. वर्ष 2022 में व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर से अधिक 101 अरब डॉलर रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-05/download-(18).jpeg" alt="download (18)"></img></p>
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<p style="text-align:justify;">भारत इस संबंध में समय-समय पर अपनी चिंता व्यक्त करता रहा है तथा चीन पर दबाव डालता रहा है कि वह अपने प्रमुख निर्यात क्षमता वाले क्षेत्रों, अनाज के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी तथा औषधि क्षेत्रों को भी भारतीय कंपनियों के लिए खोले. राजदूत के तौर पर अपना कार्यभार संभालने के लिए भारत रवाना होने से पहले फेइहोंग ने ‘पीटीआई-भाषा’ और चीन के ‘सीजीटीएन-टीवी’ के साथ बातचीत में चीन के इस रुख को दोहराया कि उसका व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) हासिल करने का कोई इरादा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘भारत के व्यापार घाटे के पीछे कई कारक हैं. चीन, भारत की चिंता को समझता है. हमारा कभी भी व्यापार अधिशेष हासिल रखने का इरादा नहीं रहा है.’’ हाल ही में भारत में चीन के राजदूत नियुक्त किए गए फेइहोंग ने कहा, ‘‘चीनी बाजार भारत समेत सभी देशों के लिए खुला है. हमने भारतीय उत्पादों को खरीदने के लिए कई व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत भेजे हैं और हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक बिक्री योग्य भारतीय उत्पाद चीनी बाजार में आएं. हम चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो, चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो, कैंटन फेयर और अन्य मंचों पर भारत की भागीदारी के लिए अधिक सुविधा देने को तैयार हैं.’’</p>
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<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘चीन भारतीय कंपनियों को चीन की बाजार मांगों को पूरा करने तथा वाणिज्यिक व व्यापार सहयोग की संभावनाओं का लाभ उठाने में भी मदद करने को तैयार है.’’ फेइहोंग ने कहा, ‘‘पिछले साल भारत में चीनी राजनयिक मिशनों ने करीब 190,000 वीजा जारी किए, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक कारोबारी वीजा थे. दोनों तरफ से व्यावसायिक यात्राएं द्विपक्षीय व्यापार के लिए अच्छी हैं. हमें उम्मीद है कि भारत कारोबारी अवसरों के लिए भारत आने वाले चीनी व्यापारियों को और अधिक सुविधा प्रदान कर सकता है.’’</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव होने के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार उच्च स्तर पर बना हुआ है. चीन के सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल दोनों देशों के बीच कुल व्यापार बढ़कर 136.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं इस साल की शुरुआत में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 99.2 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है.</p>
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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 14:31:17 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी वीजा पाने का बेहतरीन मौका; नई सेवाओं का उठाएं लाभ</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/h1b-visa/article-3068"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-01/shutterstock_98569004-min_4.jpg" alt=""></a><br />
<p>H1B visa </p>



<p>भारतीयों के लिए अब अमेरिकी वीजा पाना होगा आसान। इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने H-1B वीजा की रिन्युअल प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब आप वीजा रिन्युअल के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है। H-1B वीजा के डोमेस्टिक रिन्युअल के लिए पायलट प्रोग्राम शुरू किया गया है। 20 जनवरी से शुरू होकर 1 अप्रैल तक 3 महीने चलने वाले पायलट प्रोग्राम में 20 हजार लोगों का वीजा रिन्यू किया जाएगा। 1 सप्ताह में 4 हजार लोग वीजा रिन्यू करा सकते है। </p>



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<p>इसके लिए आवेदन करने की तारीख 29 जनवरी, 5 फरवरी, 12 फरवरी, 19 फरवरी और 26 फरवरी है। H-1B वीजा रिन्यू करवाने के लिए आप डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसके लिए आपको इसकी वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करना होगा। वहां जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी सबमिट करने होंगे।बता दें कि अमेरिका ने साल 2023 में रिकॉर्ड संख्या में भारतीयों को वीजा जारी किया था। अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने वाले हर 10 लोगों में एक भारतीय होते है। साल 2022 की तुलना में साल 2023 में 60 प्रतिशत ज्यादा आवेदन हुए थे। एच-1बी वीजा से अमेरिकी कंपनियों में विदेशी लोगों को ऐसी जॉब देने की अनुमति मिलती है जिनके लिए तकनीकी विशेषज्ञता की चाहिए होती है। भारत और चीन से हर साल हजारों की संख्या में लोग यह वीजा हासिल करते है। वीजा के लिए अप्लाई करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी मांगे गए हैं। जब वीजा की अवधि खत्म हो जाती है तो उसे रिन्यू कराना पड़ता है।</p>



<p>H1B visa</p>
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                <pubDate>Tue, 30 Jan 2024 13:25:57 +0530</pubDate>
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