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                <title>Uttar Pardesh - Punjab News Times</title>
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                <description>Uttar Pardesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कथावाचक विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री पर अखिलेश यादव का 'अंडर द टेबल' तंज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को स्वयंभू बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्हें लोगों के घरों में कथा पढ़ने के लिए बुलाया जाता है तो वे "अंडर टेबल" पैसे लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यादव समुदाय के दो भागवत कथावाचकों (धार्मिक कथावाचक) के कथित अपमान को लेकर चल रहे हंगामे के बीच आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">"कई कथावाचक हैं जो 50 लाख रुपये लेते हैं। क्या कोई धीरेंद्र शास्त्री को कथा के लिए अपने घर बुला सकता है? वह बाबा अंडर टेबल पैसे लेगा। कृपया पता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/akhilesh-yadavs-under-the-table-tanj-on-dhirendra-shastri-amidst/article-7886"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-06/download-(29).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को स्वयंभू बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्हें लोगों के घरों में कथा पढ़ने के लिए बुलाया जाता है तो वे "अंडर टेबल" पैसे लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यादव समुदाय के दो भागवत कथावाचकों (धार्मिक कथावाचक) के कथित अपमान को लेकर चल रहे हंगामे के बीच आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">"कई कथावाचक हैं जो 50 लाख रुपये लेते हैं। क्या कोई धीरेंद्र शास्त्री को कथा के लिए अपने घर बुला सकता है? वह बाबा अंडर टेबल पैसे लेगा। कृपया पता करें कि वह ऐसा करता है या नहीं। मुझे यकीन है कि वह यह सब मुफ्त में नहीं करता है," अखिलेश यादव को वायरल हो रहे एक वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">धीरेंद्र शास्त्री एक स्वयंभू आध्यात्मिक उपदेशक हैं जो पिछले कुछ वर्षों में सनसनी बन गए हैं। इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक, अखिलेश यादव की टिप्पणी पर धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कथावाचकों पर विवाद<br />पिछले सप्ताह इटावा के दंदरपुर गांव में हिंसा भड़क उठी थी, जब दो कथावाचकों को कथित तौर पर अपमानित किया गया, उनका सिर मुंडवा दिया गया और महिलाओं के पैरों पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि ग्रामीणों को पता चला कि वे ब्राह्मण नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथावाचकों ने उस समय अपनी पहचान छिपाई थी, जब क्षेत्र में उनके प्रवचन के लिए चर्चा चल रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दो कथावाचकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले एक आयोजक के अनुसार, अगर उनकी जाति की पहचान पहले बताई गई होती, तो उन्हें शामिल नहीं किया जाता।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि पार्टी उत्तर प्रदेश को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई ने यादव के हवाले से कहा, "भाजपा पड़ोसी राज्यों से रणनीतिक उपनामों वाले अपने 'प्लांटेड लोगों' को अपनी घुसपैठ की राजनीति को अंजाम देने और उत्तर प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए तैनात कर रही है।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-06/download-(29).jpeg" alt="download (29)" width="1200" height="800"></img></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/NewsIndiaDT/status/1939289053842833883">https://twitter.com/NewsIndiaDT/status/1939289053842833883</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : इस वज़ह से हुई शेफाली ज़रीवाला की मौत , पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ख़ुलासा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था 'अहीर रेजिमेंट' के सदस्यों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">बकेवर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने और नारे लगाने के बाद हिंसा भड़क उठी। कुछ लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया, जबकि अन्य लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक की, जिससे हिंसा भड़क उठी।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्किल ऑफिसर अतुल प्रधान ने कहा, "पुलिस बल ने संयम से काम लिया और अतिरिक्त बल बुलाया गया।" मामले के सिलसिले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Politics</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 15:58:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 3,000 से ज्यादा सिखों का धर्मांतरण कर उन्हें बनाया गया ईसाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे सिख बहुल गाँवों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यह मुद्दा न केवल धार्मिक पहचान से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक सुनियोजित साजिश की आशंका को भी जन्म देता है। ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के अनुसार, बीते कुछ साल में 3,000 से ज्यादा सिखों का धर्मांतरण कर उन्हें ईसाई बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र के गाँवों – बैल्हा, टाटरगंज, बम्मनपुरा भगीरथ और सिंघाड़ा में सिख समुदाय की बड़ी आबादी निवास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/more-than-3000-sikhs-were-converted-to-christian/article-7720"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-05/53da2cd7-9fa3-4f73-a591-e6c6bd90fa4b.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे सिख बहुल गाँवों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यह मुद्दा न केवल धार्मिक पहचान से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक सुनियोजित साजिश की आशंका को भी जन्म देता है। ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के अनुसार, बीते कुछ साल में 3,000 से ज्यादा सिखों का धर्मांतरण कर उन्हें ईसाई बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र के गाँवों – बैल्हा, टाटरगंज, बम्मनपुरा भगीरथ और सिंघाड़ा में सिख समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है। इन गाँवों में लगभग 20,000 से 30,000 सिख रहते हैं, जो मुख्य रूप से खेती और छोटे-मोटे व्यवसायों पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों और सिख संगठनों के अनुसार, 2020 से नेपाल सीमा से सटे इन क्षेत्रों में धर्मांतरण की गतिविधियाँ तेज हुई हैं। इन गतिविधियों का केंद्र नेपाल से आए प्रोटेस्टेंट पादरी और कुछ स्थानीय लोगों को बनाए गए पास्टर हैं, जो कथित तौर पर आर्थिक प्रलोभन, अंधविश्वास और रोग निवारण सभाओं के जरिए सिखों को ईसाई मजहब अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले का खुलासा तब हुआ जब बैल्हा गाँव की एक सिख महिला मंजीत कौर ने 13 मई 2025 को पीलीभीत के हजारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मंजीत ने आरोप लगाया कि उसके पति को पहले ही बहला-फुसलाकर ईसाई बनाया जा चुका है, और अब उस पर और उसके बच्चों पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जा रहा है। उसने बताया कि जब उसने धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उसके खेतों को नुकसान पहुँचाया गया और बच्चों के साथ मारपीट की गई। मंजीत के अनुसार, आरोपितों ने सरकारी योजनाओं का लाभ और दो लाख रुपये का लालच दिया, लेकिन कोई वादा पूरा नहीं किया गया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद और दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने इस मामले को गंभीरता से उठाया। उन्होंने स्थानीय गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पीलीभीत के सिख बहुल गाँवों में करीब 3,000 सिखों का धर्म परिवर्तन हो चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन को 160 परिवारों की सूची सौंपी, जिनके धर्म परिवर्तन की पुष्टि हुई है। जग्गी ने आरोप लगाया कि नेपाल से आए पादरी और कुछ स्थानीय पास्टर गरीबी, अशिक्षा और अंधविश्वास का फायदा उठाकर सिखों को ईसाई बना रहे हैं।उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ परिवारों के घरों पर क्रॉस के निशान बनाए गए हैं, जो धर्मांतरण का प्रतीक माने जा रहे हैं। हालाँकि, प्रशासनिक सख्ती के बाद कई परिवारों ने इन निशानों को हटा लिया है, लेकिन वे अब भी ईसाईयत का पालन कर रहे हैं। जग्गी ने कहा कि यह सिख समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर हमला है और इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है, जो नेपाल के रास्ते इस साजिश को अंजाम दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जाँच और सख्त कार्रवाई की माँग की।</p>
<p style="text-align:justify;">आजतक की एक ग्राउंड रिपोर्ट ने इस मामले को और गहराई से उजागर किया। उनकी टीम ने बैल्हा गाँव का दौरा किया और स्थानीय लोगों, पीड़ितों और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से बातचीत की। इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि नेपाल से आने वाले पास्टर और पंजाब के कुछ मिशनरी लोग ‘चंगाई प्रार्थना सभाओं’ के जरिए सिखों को लुभा रहे हैं। ये सभाएँ बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का वादा करती हैं, जिससे गरीब और अशिक्षित लोग आसानी से प्रभावित हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में एक पीड़ित परमिंदर सिंह ने बताया कि मिशनरी लोग बाहरी तौर पर यह नहीं दिखाते कि कोई धर्म परिवर्तन कर चुका है। वे सिखों को उनकी पारंपरिक वेशभूषा और नाम बरकरार रखने की सलाह देते हैं, ताकि धर्मांतरण का पता न चले। फिर भी कई लोग ‘उपचार सत्रों’ और आर्थिक लालच के कारण ईसाईयत की ओर झुक रहे हैं। हालाँकि लखविंदर सिंह और बलजीत सिंह जैसे लोग धर्म परिवर्तन के बाद ‘घर वापसी’ कर सिख धर्म में लौट आए हैं। लखविंदर ने बताया कि उनके बेटे की बीमारी ठीक न होने पर वे प्रार्थना सभाओं में गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने सिख धर्म में वापसी की।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि अब तक 160 परिवारों की ‘घर वापसी’ कराई जा चुकी है। इसके लिए कमेटी ने ‘अमृतपान’ जैसे धार्मिक कार्यक्रम शुरू किए हैं। साथ ही नौ ऐसे लोगों की सूची सार्वजनिक की गई है, जो सिख से ईसाई बनकर अब दूसरों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इन लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने के लिए गुरुद्वारे में उनकी सूची लगाई गई है।पीलीभीत की भौगोलिक स्थिति इस मामले को और जटिल बनाती है। नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से सीमापार गतिविधियों का केंद्र रहा है। जाँच एजेंसियों को शक है कि नेपाल से संचालित कुछ एनजीओ और मिशनरी संगठन धर्मांतरण की गतिविधियों में लिप्त हैं। हरपाल सिंह जग्गी ने दावा किया कि 2012 से नेपाल के पादरी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और विदेशी ताकतों के इशारे पर सिखों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सिख नेताओं ने शिक्षा की कमी और गरीबी को धर्मांतरण का प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से हाशिए पर रहने वाले लोग आसानी से प्रलोभनों का शिकार हो जाते हैं। कई पीड़ितों ने शपथपत्र देकर बताया कि उन्हें दो लाख रुपये, आवास, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं का लालच दिया गया, लेकिन बाद में कोई लाभ नहीं मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-05/53da2cd7-9fa3-4f73-a591-e6c6bd90fa4b.jpeg" alt="53da2cd7-9fa3-4f73-a591-e6c6bd90fa4b" width="1068" height="601"></img></p>
<p style="text-align:justify;">पीलीभीत प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि एक विशेष जाँच टीम (SIT) गठित की गई है, जो मामले की तह तक जाएगी। एसपी अभिषेक यादव ने कहा कि मंजीत कौर की शिकायत पर आठ नामजद और दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही एक अवैध चर्च को भी हटाया गया है। प्रशासन ने उन गाँवों में काउंसलिंग कैंप शुरू किए हैं, जहाँ धर्मांतरण की शिकायतें मिली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि, पूरनपुर तहसील के SDM अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि बड़े पैमाने पर सुनियोजित धर्मांतरण का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उनका कहना है कि कुछ लोग अपनी आस्था के कारण प्रार्थना सभाओं में जा रहे हैं, जिन्हें रोका नहीं जा सकता। हालाँकि लोगों के शपथपत्र और गुरुद्वारा कमेटी की सूची इस दावे को चुनौती देते हैं।इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लिया है और सभी सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश धर्म स्वतंत्रता कानून’ के तहत सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है, जिसके तहत जबरन या प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण पर रोक लगाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/amit-shah-said-on-operation-sindoor-we-killed-terrorists-but/article-7708">ऑपरेशन सिंदूर पर बोले अमित शाह ‘हमने आतंकवादियों को मारा, लेकिन पाकिस्तान ने इसे व्यक्तिगत तौर पर लिया’</a></p>
<p style="text-align:justify;">सिख संगठनों का कहना है कि यह मामला उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर हमला है। वे माँग कर रहे हैं कि जिन लोगों ने खुद अपनी मर्जी से धर्मांतरण किया है, उन्हें अपने दस्तावेजों में धर्म बदलने की जानकारी दर्ज करानी चाहिए। साथ ही वे दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और उच्चस्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं। गुरुद्वारा कमेटियों ने ‘घर वापसी’ के लिए बड़े पैमाने पर धार्मिक जागरूकता अभियान शुरू किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ऑपइंडिया ने अपनी रिपोर्ट्स में बताया था कि कैसे नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में ईसाई मिशनरियाँ धर्मांतरण का जाल फैला रही हैं। नेपाल से सटे 7 सीमावर्ती जिलों में ईसाई धर्मांतरण के मामलों के मामलों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। बीते साल यूपी से लोगों को नेपाल ले जाने का मामला सामने आया था, जिसमें हिंदू संगठनों ने आरोपित पादरियों को पकड़कर न सिर्फ पीटा था, बल्कि उनके चेहरों पर कालिख भी पोत दी थी। ईसाई मिशनरियों के अयोध्या तक फैले जाल पर भी हमने रिपोर्ट प्रकाशित की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 18:07:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी आदित्यनाथ का मुसलमानों को संदेश: 'सड़कें नमाज के लिए नहीं हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मुसलमानों को सड़कों पर नमाज अदा न करने की चेतावनी देते हुए अपने प्रशासन का बचाव किया और कहा कि सड़कें यातायात के आवागमन के लिए होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">  तेजतर्रार भाजपा नेता ने मुसलमानों से कहा कि वे हिंदुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जिन्होंने बिना किसी अपराध, विनाश या उत्पीड़न की घटना के विशाल महाकुंभ मेले में भाग लिया। आदित्यनाथ ने कहा, "सड़कें चलने के लिए होती हैं। और जो लोग (निर्णय के खिलाफ) बोल रहे हैं, उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कोई डकैती,</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-04/download-(9).jpeg" alt="download (9)" width="1200" height="800" /></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/cm-yogi-adityanaths-messages-to-muslims-are-not-for-namaz/article-7446"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-04/download-(9).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मुसलमानों को सड़कों पर नमाज अदा न करने की चेतावनी देते हुए अपने प्रशासन का बचाव किया और कहा कि सड़कें यातायात के आवागमन के लिए होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> तेजतर्रार भाजपा नेता ने मुसलमानों से कहा कि वे हिंदुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जिन्होंने बिना किसी अपराध, विनाश या उत्पीड़न की घटना के विशाल महाकुंभ मेले में भाग लिया। आदित्यनाथ ने कहा, "सड़कें चलने के लिए होती हैं। और जो लोग (निर्णय के खिलाफ) बोल रहे हैं, उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कोई डकैती, संपत्ति का विनाश, आगजनी या अपहरण नहीं हुआ। इसे धार्मिक अनुशासन कहते हैं। यदि आप लाभ चाहते हैं, तो आपको अनुशासन का पालन भी करना चाहिए।" भाजपा नेता ने मुसलमानों के खिलाफ किसी भी तरह के भेदभाव की आलोचना को खारिज कर दिया, एक ऐसा आरोप जो उन्हें अक्सर उनके कट्टर हिंदुत्व विचारों और छवि के कारण झेलना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है, लेकिन सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35-40 प्रतिशत है। आदित्यनाथ ने कहा कि उनका लोकप्रिय "बुलडोजर न्याय मॉडल", जिसे अब अन्य राज्यों द्वारा न्याय के प्रदर्शन के रूप में अपनाया जा रहा है, इसकी वैधता पर लगातार सवालों के बावजूद, एक उपलब्धि के बजाय एक आवश्यकता थी। यूपी के सीएम ने कहा, "मुझे लगता है कि हमने दिखाया है कि इसका बेहतर तरीके से उपयोग कैसे किया जा सकता है।" उन्होंने दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है, उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने वास्तव में उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशानिर्देशों की सराहना की है। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर, आदित्यनाथ ने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ "लूट खसोट" (संपत्ति हड़पने) का अड्डा बन गए हैं, और मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम किया है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-04/download-(9).jpeg" alt="download (9)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/jesus-jesus-pastor-bajinder-of-punjab-sentenced-to-life-imprisonment/article-7444">पंजाब के 'येशु येशु' पादरी बजिंदर को 2018 के बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दान के उदाहरणों का हवाला देते हुए, उन्होंने पूछा कि क्या वक्फ बोर्ड ने पर्याप्त संपत्ति होने के बावजूद इस तरह का कोई कल्याणकारी कार्य किया है। उन्होंने पूछा, "पूरे समाज की बात भूल जाइए; क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?" यूपी के नेता ने कहा, "वक्फ किसी भी सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का माध्यम बन गया है। यह सुधार समय की मांग है और सभी सुधारों का विरोध होता है। मेरा मानना ​​है कि मुसलमानों को इस (प्रस्तावित कानून) से लाभ होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 16:37:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'संगम का पानी पीने लायक', CM योगी ने फेकल बैक्टीरिया रिपोर्ट को बदनाम करने वाला प्रचार बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि सनातन धर्म, “माँ गंगा, भारत या महाकुंभ” के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाना या “फर्जी वीडियो” प्रसारित करना प्रयागराज में चल रहे मेले में पवित्र डुबकी लगाने वाले करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।</p>
<p>सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि संगम का पानी न केवल डुबकी लगाने के लिए बल्कि पीने के लिए भी उपयुक्त है और सीपीसीबी द्वारा फेकल बैक्टीरिया रिपोर्ट के बाद महाकुंभ को बदनाम करने के लिए कथित दुष्प्रचार किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/sangam-water-drinkable-cm-yogi-described-the-fecal-bacteria-report/article-7223"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-02/images.jpeg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि सनातन धर्म, “माँ गंगा, भारत या महाकुंभ” के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाना या “फर्जी वीडियो” प्रसारित करना प्रयागराज में चल रहे मेले में पवित्र डुबकी लगाने वाले करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।</p>
<p>सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि संगम का पानी न केवल डुबकी लगाने के लिए बल्कि पीने के लिए भी उपयुक्त है और सीपीसीबी द्वारा फेकल बैक्टीरिया रिपोर्ट के बाद महाकुंभ को बदनाम करने के लिए कथित दुष्प्रचार किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सूचित किया कि चल रहे महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में विभिन्न स्थान फेकल कोलीफॉर्म के स्तर के संबंध में स्नान के लिए प्राथमिक जल गुणवत्ता के अनुरूप नहीं थे।</p>
<p>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/manish-sisodia-surrounds-bjp-over-delhi-law-and-order/article-7221">दिल्ली कानून व्यवस्था को लेकर मनीष सिसोदिया ने बीजेपी को घेरा</a></p>
<p>फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया गर्म रक्त वाले जानवरों और मनुष्यों की आंतों में पाए जाते हैं। इन्हें आमतौर पर पानी में संभावित संदूषण के संकेतक के रूप में उपयोग किया जाता है, क्योंकि उनकी उपस्थिति से पता चलता है कि पानी में हानिकारक रोगाणु भी हो सकते हैं, जैसे वायरस, परजीवी या अन्य बैक्टीरिया, जो जानवरों और मनुष्यों की आंतों से निकलने वाले मल या मल से उत्पन्न होते हैं। बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह आयोजन किसी विशेष पार्टी या संगठन द्वारा आयोजित नहीं किया गया है... यह आयोजन समाज का है, सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए एक सेवक के रूप में है..</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-02/images.jpeg" alt="images" width="1200" height="800"></img></p>
<p>. यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी सरकार को इस सदी के महाकुंभ से जुड़ने का अवसर मिला... देश और दुनिया ने इस आयोजन में भाग लिया है और सभी झूठे अभियानों को नजरअंदाज करते हुए इसे सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।" योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ के सात दिन बाकी हैं और आंकड़ों के मुताबिक आज दोपहर तक 56 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 17:13:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाबर के बाद CM योगी ने 'जिन्ना के जिन्न' का किया जिक्र, हैदराबाद के निजाम पर भी दिया बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि ''देश को बंटने मत दो. अगर ऐसा हुआ तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी'', जो आज हमारे सामने है.</p>
<p>सीएम योगी ने शुक्रवार को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लखनऊ में आंबेडकर महासभा में कहा, ‘‘ आज बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की हत्या की जा रही है. उन्हें जलाया जा रहा है. उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है. इतना ही नहीं माताओं-बहनों की इज्जत के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/after-babar-cm-yogi-mentioned-jinnahs-jinn-and-also-gave/article-6565"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-12/download-(9).jpg" alt=""></a><br /><p> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि ''देश को बंटने मत दो. अगर ऐसा हुआ तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी'', जो आज हमारे सामने है.</p>
<p>सीएम योगी ने शुक्रवार को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लखनऊ में आंबेडकर महासभा में कहा, ‘‘ आज बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की हत्या की जा रही है. उन्हें जलाया जा रहा है. उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है. इतना ही नहीं माताओं-बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब तक बांग्लादेश में जिन्ना का जिन्न रहेगा तब तक इस तरह की अराजकता होती रहेगी. वहां पर गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है. यह पाप 1947 में देश के विभाजन के रूप में सभी के सामने आया था. उसी का बदसूरत स्वरूप बांग्लादेश के रूप में फिर हमारे सामने है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने 1946-47 में ही जनता को इसे लेकर आगाह कर दिया था, उन्होंने कहा था कि देश का बंटवारा मत होने दीजिए. अगर यह हो गया तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो आज हमारे सामने है.</p>
<p>इससे पहले मुख्यमंत्री ने हजरतगंज स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ' आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं. वह समाज में झूठ फैला रहे हैं. यह वही लोग हैं, जो उस समय हैदराबाद के निजाम और उनके रजाकारों द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तो चुप थे. उस दौरान उनका शोषण हो रहा था. उन पर अत्याचार किया जा रहा था. उस समय भी बाबा साहब आंबेडकर ने खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद के निजाम की रियासत के सभी दलितों, जिन पर अत्याचार हो रहा है, वह निजाम की रियासत को छोड़कर महाराष्ट्र की ओर चले जाएं, लेकिन अपना धर्म और मत न बदलें.'</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-12/download-(9).jpg" alt="download (9)" width="750" height="420"></img></p>
<p>योगी ने कहा, 'वहीं हैदराबाद के निजाम और पाक परस्त जिन्ना के लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए बाबा साहब को प्रलोभन देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने आदर्शों से टस से मस नहीं हुए.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि योगेंद्र नाथ मंडल की बातों में आकर जो लोग बहक गये थे, वह आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हैं. यह दृश्य आज हम सभी के सामने हैं. सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी तादाद में आबादी थी. बांग्लादेश में 1971 तक 22 प्रतिशत हिंदू रहते थे, आज वह घटकर छह से आठ फीसदी रह गये हैं.</p>
<p>योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, '' वह लोग जो हमेशा दलितों को अपना वोट बैंक बना कर उनका शोषण करते आए हैं, वह बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं. उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि वह सच स्वीकार नहीं कर सकते हैं और सच बोल भी नहीं सकते हैं. उनमें बोलने का सामर्थ्य नहीं है इसलिए वह बांग्लादेश के दृश्य पर मौन हैं. यह लोग सिर्फ संविधान की प्रति दिखाकर ढोंग कर रहे हैं. उन्हें बाबा साहब के मूल्यों से कोई लेना देना नहीं है. इससे पहले भी इन्होंने बाबा साहब के मूल संविधान पर कुठाराघात करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया था.''</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है और कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना से उसकी आत्मा हटाने का काम किया है. वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू करके बाबा साहब का अपमान किया था, आज भी कांग्रेस यही कर रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 14:55:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं खुलेगी संभल मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट , शांति जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के संभल जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (29 नवंबर, 2024) को ट्रायल कोर्ट को अहम निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि वह इस मामले में कोई भी एक्शन ने ले, जब तक यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. जामा मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में सिविल जज के सर्वे के आदेश को चुनौती दी है. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद निचली अदालत कोई कार्यवाही करे.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस बात का ख्याल रखे कि इलाके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/supreme-court-order-will-not-open-survey-report-of-sambhal/article-6463"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-11/download-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के संभल जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (29 नवंबर, 2024) को ट्रायल कोर्ट को अहम निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि वह इस मामले में कोई भी एक्शन ने ले, जब तक यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. जामा मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में सिविल जज के सर्वे के आदेश को चुनौती दी है. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद निचली अदालत कोई कार्यवाही करे.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस बात का ख्याल रखे कि इलाके में शांति और सद्भाव बना रहे. सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में रखने और इसे नहीं खोले जाने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि वह इस बात का ख्याल रखे कि संभल में शांति और सद्भाव बना रहे.</p>
<p style="text-align:justify;">19 नवंबर को संभल कोर्ट के सिविल जज जूनियर डिविजन ने मस्जिद सर्वे का ऑर्डर पास किया था. 24 नवंबर को जब सर्वे करने टीम जामा मस्जिद पहुंची तो इलाके के लोगों और पुलिस में झड़प हो गई और हिंसा फैल गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी.</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई की शुरुआत में संभल जामा मस्जिद कमेटी की ओर से सीनियर एडवोकेट हुफेजा अहमदी ने निचली अदालत के आदेश की कॉपी सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने रखी. इस पर सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि हमने आदेश देखा. केस पर टिप्पणी नहीं करेंगे. मस्जिद कमेटी को अपने कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल का मौका मिले. यह जिला कोर्ट या हाईकोर्ट कुछ भी हो सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">सीजेआई संजीव खन्ना की बेंच के सामने एडवोकेट अहमदी ने चिंता जाहिर की और कहा, 'पूरे देश में ऐसे 10 मामले पेंडिंग हैं, जिनमें ऐसा ही हुआ. पहले ही दिन सर्वे का आदेश दे दिया और फिर सर्वेक्षक भी नियुक्त कर दिया जाता है, प्लीज इसे रोकें.' इस पर सीजेआई खन्ना ने कहा कि हाईकोर्ट की परमिशन के बिना अब इस मामले में कुछ नहीं होगा और ट्रायल कोर्ट 8 जनवरी तक कोई कार्यवाही नहीं कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी से कहा कि हमें लगता है कि याचिकाकर्ता सिविल जज के आदेश को चुनौती दे सकते हैं. उन्हें सीपीसी और संविधान के तहत ये हक है. </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-11/download-(2).jpg" alt="download (2)" width="747" height="420"></img></p>
<p style="text-align:justify;">सीजेआई खन्ना ने जिला प्रशासन की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि हम इस स्टेज पर कुछ कहना नहीं चाहते हैं और मामले को लंबित रखेंगे, लेकिन इस बात ध्यान रहे कि इलाके में हालात ठीक रहें, शांति और सद्भाव बना रहे. कोर्ट ने यह भी कहा कि हमें निष्पक्ष रहने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि दोनों समुदायों के सदस्यों को शामिल कर एक शांति समिति गठित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने मुस्लिम कमेटी से कहा कि याचिकाकर्ताओं को आदेश को चुनौती देने का हक है. यह ऑर्डर 41 के तहत है इसलिए आप प्रथम अपील नहीं कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">संभल की शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और जिला अदालत के 19 नवंबर के आदेश को चुनौती दी. उत्तर प्रदेश के संभल में 19 नवंबर को तब से तनाव है जब अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया. सर्वेक्षण की मांग करने वाली याचिका में दावा किया गया था कि मस्जिद के स्थान पर पहले हरिहर मंदिर था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/national/supreme-court-order-will-not-open-survey-report-of-sambhal/article-6463</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 14:08:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
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                <title>झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड: मृत बच्चों के परिजनों को मिलेगा इतने लाख रुपए का मुआवजा, CM योगी ने किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p style="text-align:justify;">यूपी के झांसी के मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में शुक्रवार रात भीषण आग लगने से  10 बच्चों की मौत हो गई और पांच बच्चों की हालत नाजुक है। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 47 नवजात भर्ती थे। इस मामले पर सीएम योगी ने दुख जताया है और मुआवजे का ऐलान किया है।</p>
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<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि प्रशासन फौरन मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध करवाएं।</p>
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<p style="text-align:justify;">सीएम योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख जताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/national/jhansi-medical-college-fire-incident-families-of-children-killed-in/article-6313"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-11/yogi-1731723749.webp" alt=""></a><br /><p></p>
<p style="text-align:justify;">यूपी के झांसी के मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में शुक्रवार रात भीषण आग लगने से  10 बच्चों की मौत हो गई और पांच बच्चों की हालत नाजुक है। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 47 नवजात भर्ती थे। इस मामले पर सीएम योगी ने दुख जताया है और मुआवजे का ऐलान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि प्रशासन फौरन मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध करवाएं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। शुक्रवार देर रात घटना की सूचना मिलते ही सीएम ने रातों-रात उपसीएम बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को मौके पर भेजा। सीएम पूरी रात घटनास्थल से पल-पल की जानकारी लेते रहे। मीडिया में चल रही खबरों पर भी नजर बनाए रखी।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी के निर्देश पर घटना में असमय जान गंवाने वाले नवजात बच्चों के माता-पिता को 5-5 लाख रुपये और घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता सीएम राहत कोष से उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम ने झांसी के मंडलायुक्त और डीआईजी को 12 घंटे में घटना के संबंध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे और कहा था कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि 10 बच्चों की मौत हुई है। परिजनों के साथ मिलकर बच्चों की पहचान की जा रही है। घटना की उच्चस्तरीय जांच होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/sport/icc-released-the-new-schedule-of-champions-trophy-tour-know/article-6311">ICC ने जारी किया चैंपियंस ट्रॉफी टूर का नया शेड्यूल, जानें भारत कब आएगी ट्रॉफी</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा था कि पहली जांच शासन के स्तर पर होगी, जिसे स्वास्थ्य विभाग करेगा। वहीं दूसरी जांच जिला स्तर पर होगी, जिसे पुलिस प्रशासन और फायर विभाग की टीम साथ मिलकर करेगी। वहीं तीसरी जांच मजिस्ट्रेट की होगी। डिप्टी सीएम ने ये भी कहा था कि घटना कैसे हुई, क्यों हुई इसका पता लगाएंगे और जिम्मेदारी तय करेंगे। इसके बाद किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-11/yogi-1731723749.webp" alt="yogi-1731723749" width="1200" height="675"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी में हुई दुर्घटना में कई नवजात शिशुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। ईश्वर, शोक संतप्त माता-पिता और परिवारजनों को, यह क्रूर आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं घायल हुए शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।'</p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 17:22:24 +0530</pubDate>
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