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                <title>NASA - Punjab News Times</title>
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                <title>8 दिनों के लिए स्पेस गई थी सुनीता विलियम्स , वापसी में लग जाएंगे कई महीने अब होएगी 2025 में वापसी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुनीता विलियम्स अपने एक साथी अंतरिक्ष यात्री के साथ स्पेस में फंस गई हैं। धरती पर आने का उनका कार्यक्रम अधर में लटक गया है। दरअसल नासा के दो एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के धरती पर लौटने का प्लान बोइंग के स्टार लाइनर रॉकेट में आई खराबी के चलते रूक गया है। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को कहा गया है कि धरती पर लौटने के लिए उन्हें अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले दो महीने से स्पेस स्टेशन पर फंसे हुए हैं और फरवरी 2025 से पहले उनकी धरती पर वापसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/sunita-williams-went-to-space-for-8-days-it-will/article-5155"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-08/guw66w-xaaajjun.jpeg" alt=""></a><br /><p>सुनीता विलियम्स अपने एक साथी अंतरिक्ष यात्री के साथ स्पेस में फंस गई हैं। धरती पर आने का उनका कार्यक्रम अधर में लटक गया है। दरअसल नासा के दो एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के धरती पर लौटने का प्लान बोइंग के स्टार लाइनर रॉकेट में आई खराबी के चलते रूक गया है। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को कहा गया है कि धरती पर लौटने के लिए उन्हें अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले दो महीने से स्पेस स्टेशन पर फंसे हुए हैं और फरवरी 2025 से पहले उनकी धरती पर वापसी संभव नहीं दिख रही।</p>
<p>हालांकि नासा अभी भी दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नासा सुनीता विलियम्स और बुच को वापस लाने के लिए बोइंग के मुख्य प्रतिद्वंदी एलन मस्क के स्पेस एक्स कैप्सूल का भी इस्तेमाल कर सकती है।</p>
<p>नासा के कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्टीव स्टिक ने कहा कि हमारा मुख्य ऑप्शन स्टार लाइनर के जरिए बुच और सुनीता को वापस लाने का है। हालांकि स्टीव ने दूसरे विकल्पों के खुले होने के बारे में भी बात की और कहा कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को लाने के लिए स्पेस एक्स के रॉकेट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
<p>बुच विल्मोर और सुनीता बोइंग के स्टार लाइनर कैप्सूल की क्रू टेस्ट फ्लाइट से 6 जून को स्पेस स्टेशन पहुंचे थे। शुरुआती प्लान के मुताबिक सुनीता और बुच को स्पेस में एक हफ्ते रहना था। लेकिन स्टार लाइनर के प्रपोल्शन सिस्टम में रिसाव के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को दो महीने से ज्यादा समय तक स्पेस स्टेशन में बिताना पड़ा है। स्टार लाइनर में आई खराबी को ठीक करने के लिए इंजीनियरों की टीम काम पर लगी है।</p>
<p>इस मिशन की सफलता के बाद नासा और बोइंग के बीच स्पेस स्टेशन से यात्रियों को लाने और ले जाने के लिए बड़ा समझौता हो जाता। लेकिन मिशन के अधर में लटक जाने से बोइंग के सपनों पर पानी फिर गया है। नासा ने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के लिए कोई टाइमलाइन निर्धारित नहीं की है, लेकिन स्टिक ने कहा है कि मध्य अगस्त तक उनके धरती पर वापस लौटने की संभावना है।</p>
<p>स्टार लाइनर में आई खराबी बोइंग के लिए ताजा झटका है। बोइंग और स्पेस एक्स के साथ नासा ने एक दशक पहले समझौता किया था। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों को स्पेस स्टेशन तक यात्रियों को लाना ले जाना था।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-08/guw66w-xaaajjun.jpeg" alt="GUw66w-XAAAJjUn" width="680" height="357"></img></p>
<p>दरअसल स्पेस शटल के रिटायर होने के बाद नासा ने दोनों कंपनियों के साथ समझौता किया था। इसके लिए बोइंग को 352 अरब से ज्यादा की राशि दी गई थी, वहीं बोइंग के मुकाबले एलन मस्क को आधी रकम मिली। लेकिन स्टार लाइनर में आई खराबी की वजह से एलन मस्क की किस्मत खुल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Aug 2024 14:00:17 +0530</pubDate>
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                <title>ISRO: धरती के ग्लेशियरों पर रखेगा नजर भारत-अमेरिका का संयुक्त सैटेलाइट NISAR, जल्द होगी लॉन्चिंग</title>
                                    <description><![CDATA[ISRO 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/world/isro/article-2635"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-01/13509037_1193176537380486_5130328399992416476_n.jpg" alt=""></a><br />
<p>ISRO </p>



<p>नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री ने बयान में कहा कि इससे वैज्ञानिकों को पता चलेगा कि कैसे एक छोटी सी प्रक्रिया से अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों में बड़े बदलाव आते है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा मिलकर बनाई गई सैटेलाइट निसार (NISAR- NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) लॉन्चिंग के लिए तैयार है और जल्द ही इसकी लॉन्चिंग की तारीख का एलान भी कर दिया जाएगा। </p>



<p>Read also: <a href="http://projects.nginx/punjabnewstimes/best-alarm-clock-apps/">ये Alarm Clock Apps आपको उठाकर ही छोड़ेंगे; आज ही करे ट्राई</a></p>



<p>इस सैटेलाइट की मदद से इसरो और नासा धरती पर पर्यावरण के लिए अहम वेटलैंड, ज्वालामुखी में आए बदलाव और जमीन और समुद्र की बर्फ में आए बदलावों का अध्ययन करेगी। निसार सैटेलाइट ग्लेशियरों से बर्फ पिघलने की भी निगरानी करेगी। बयान में कहा गया है कि इससे वैज्ञानिकों को पता चलेगा कि कैसे एक छोटी सी प्रक्रिया से अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों में बड़े बदलाव आते है।</p>



<p>ISRO</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jan 2024 12:17:38 +0530</pubDate>
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