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                <title>Haryana farmers - Punjab News Times</title>
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                <description>Haryana farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रबी फसल बिक्री के लिए कम किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, अब 27 मार्च तक खुला रहेगा पोर्टल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">राज्य में रबी खरीद सीजन शुरू होने के बावजूद मेरी फसल, मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर किसानों द्वारा फसल पंजीकरण काफी कम है। सरकार ने पंजीकरण के लिए 27 मार्च तक पोर्टल को फिर से खोल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टल पर कुल 89.86 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि में से 60.21 लाख एकड़ में रबी फसलों का पंजीकरण किया गया है, जो 67.01% पंजीकरण दर दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों को एमएसपी लाभ प्राप्त करने और खरीद योजनाओं के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिलों में, चरखी दादरी ने सबसे अधिक 91.72% पंजीकरण दर्ज किया, उसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/haryana/less-farmers-registration-for-rabi-crop-sales-will-now-be/article-7402"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2025-03/images-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राज्य में रबी खरीद सीजन शुरू होने के बावजूद मेरी फसल, मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर किसानों द्वारा फसल पंजीकरण काफी कम है। सरकार ने पंजीकरण के लिए 27 मार्च तक पोर्टल को फिर से खोल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टल पर कुल 89.86 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि में से 60.21 लाख एकड़ में रबी फसलों का पंजीकरण किया गया है, जो 67.01% पंजीकरण दर दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों को एमएसपी लाभ प्राप्त करने और खरीद योजनाओं के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिलों में, चरखी दादरी ने सबसे अधिक 91.72% पंजीकरण दर्ज किया, उसके बाद महेंद्रगढ़ (82.94%) और भिवानी (78.55%) का स्थान रहा, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अधिकांश किसान एमएसपी पर बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच सकेंगे। हालांकि, गुरुग्राम (42.33%), मेवात (43.20%) और सोनीपत (45.20%) जैसे जिलों में सबसे कम पंजीकरण हुआ है, जिससे इन क्षेत्रों के किसानों के खरीद से वंचित होने की चिंता बढ़ गई है। पंजीकरण दरों में असमानता अधिकारियों द्वारा जागरूकता और सुविधा प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है। अधिकारियों का कहना है कि कम पंजीकरण वाले क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी पर अपनी फसल बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उन्हें निजी खरीदारों को कम कीमतों पर संकट में बेचना पड़ सकता है। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ राजबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने किसानों को अपनी फसलों को पंजीकृत करने की अनुमति देने के लिए पोर्टल को फिर से खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "पोर्टल को फिर से खोल दिया गया है और किसान 27 मार्च तक अपनी फसलों को पंजीकृत कर सकते हैं। पोर्टल पर अपनी फसलों के पंजीकरण के बिना किसान एमएसपी पर अनाज मंडी में अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे।" </p>
<p style="text-align:justify;">एमएसपी लाभ प्राप्त करने और खरीद योजनाओं के लिए किसानों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिलों में, चरखी दादरी ने सबसे अधिक 91.72% पंजीकरण दर्ज किया, उसके बाद महेंद्रगढ़ (82.94%) और भिवानी (78.55%) का स्थान रहा, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अधिकांश किसान एमएसपी पर बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच सकेंगे। हालांकि, गुरुग्राम (42.33%), मेवात (43.20%) और सोनीपत (45.20%) जैसे जिलों ने सबसे कम पंजीकरण की सूचना दी है, जिससे इन क्षेत्रों के किसानों के खरीद से वंचित होने की चिंता बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजीकरण दरों में असमानता अधिकारियों द्वारा जागरूकता बढ़ाने और सुविधा प्रयासों की आवश्यकता को उजागर करती है। अधिकारियों का कहना है कि कम पंजीकरण वाले क्षेत्रों के किसानों को एमएसपी पर अपनी फसल बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उन्हें निजी खरीदारों को कम कीमतों पर संकट में बेचना पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ राजबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने किसानों को अपनी फसलों को पंजीकृत करने की अनुमति देने के लिए पोर्टल को फिर से खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "पोर्टल को फिर से खोल दिया गया है और किसान 27 मार्च तक अपनी फसलों का पंजीकरण करा सकते हैं। पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण कराए बिना किसान अपनी उपज को एमएसपी पर अनाज मंडी में नहीं बेच पाएंगे।" </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2025-03/images-(1).jpeg" alt="images (1)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also ; <a class="post-title-lg" href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/buldzer-in-2-cities-in-punjab-today-against-drug-traffickers/article-7400">नशा तस्करों के ख़िलाफ़ आज पंजाब में २ शहरों में चला बुलडोज़र</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">पंजीकरण टूटना</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कुल पंजीकृत क्षेत्रफल (% में)</p>
<p style="text-align:justify;">चरखी दादरी 91.72</p>
<p style="text-align:justify;">महेंद्रगढ़ 82.94</p>
<p style="text-align:justify;">भिवानी 78.55</p>
<p style="text-align:justify;">करनाल 77.14</p>
<p style="text-align:justify;">रेवाडी 76.46</p>
<p style="text-align:justify;">सिरसा 75.99</p>
<p style="text-align:justify;">कुरूक्षेत्र 73.44</p>
<p style="text-align:justify;">फतेहाबाद 71.76</p>
<p style="text-align:justify;">कैथल 68.27</p>
<p style="text-align:justify;">अम्बाला 65.25</p>
<p style="text-align:justify;">यमुनानगर 63.04</p>
<p style="text-align:justify;">झज्जर 62.91</p>
<p style="text-align:justify;">पानीपत 62.89</p>
<p style="text-align:justify;">हिसार 62.57</p>
<p style="text-align:justify;">रोहतक 60.48</p>
<p style="text-align:justify;">जींद 56.40</p>
<p style="text-align:justify;">पलवल 53.66</p>
<p style="text-align:justify;">मेवात 52</p>
<p style="text-align:justify;">सोनीपत 49.71</p>
<p style="text-align:justify;">गुरूग्राम 43.20</p>
<p style="text-align:justify;">पंचकुला 42.33</p>
<p style="text-align:justify;">फ़रीदाबाद 33.03</p>
<p style="text-align:justify;">कुल: 67.01</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Haryana</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:22:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में गेहूं बुआई पर ₹3600 देगी सरकार ,प्रति एकड़ मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार गेहूं की बुआई पर किसानों को 3600 रुपए प्रति एकड़ अनुदान देगी। सरकार की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-गेंहू स्कीम के तहत यह फैसला लिया गया है। प्रदेश के 8 जिलों के किसान इसका फायदा ले सकते हैं। इन जिलों में 1,041 एकड़ जमीन पर गेहूं बुआई के बदले किसानों को 37.48 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें 25 दिसंबर तक आवेदन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के पत्र के मुताबिक यह अनुदान उन्नत तकनीक से अधिक उपज देने वाली किस्मों में गेहूं के समूह प्रदर्शन प्लॉट पर यह अनुदान किसानों को मिलेगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/haryana/government-will-give-%E2%82%B93600-per-acre-on-wheat-sowing-in/article-6252"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-11/download-(24)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार गेहूं की बुआई पर किसानों को 3600 रुपए प्रति एकड़ अनुदान देगी। सरकार की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-गेंहू स्कीम के तहत यह फैसला लिया गया है। प्रदेश के 8 जिलों के किसान इसका फायदा ले सकते हैं। इन जिलों में 1,041 एकड़ जमीन पर गेहूं बुआई के बदले किसानों को 37.48 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें 25 दिसंबर तक आवेदन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के पत्र के मुताबिक यह अनुदान उन्नत तकनीक से अधिक उपज देने वाली किस्मों में गेहूं के समूह प्रदर्शन प्लॉट पर यह अनुदान किसानों को मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन जिलों को इसका फायदा होना है, उनमें अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, मेवात, पलवल, चरखी दादरी और रोहतक जिले शामिल हैं। अनुदान लेने के लिए किसानाों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की वेबसाइट www.agriharyana.org पर जाकर E-Agri Schemes Governence link पर क्लिक कर तय तारीख तक आवेदन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आदेश के मुताबिक एक किसान अधिकतम 2.5 एकड़ का लाभ ले सकता है। इसमें 20% लाभ अनुसूचित जाति, महिला किसान, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-11/download-(24)1.jpeg" alt="download (24)" width="639" height="420"></img></p>
<p style="text-align:justify;">किसान इसमें प्रयोग होने वाली कृषि सामग्री खरीदने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। इसके बाद यह सामग्री हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार की समग्र सिफारिशों के अनुसार खरीदी जाएगी। जो सरकारी, अर्ध सरकारी, सह समिति या अधिकृत विक्रेता से भी खरीदी जा सकती है। खरीद के बाद इस सामग्री की रसीद संबंधित कृषि विकास अधिकारी के पास भेजनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विकास अधिकारी इस सामग्री का सत्यापन करेगा। जिसके बाद वह इसे उप कृषि निदेशक के कार्यालय में भेजेंगे। इसके पश्चात उप कृषि निदेशक के कार्यालय किसान के बैंक खाते में प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान राशि जारी कर देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के बठिंडा में सोमवार देर शाम पुलिस और किसानों में झड़प हो गई। किसानों ने तहसीलदार और खरीद निरीक्षक को बंधक बना लिया था। सूचना के बाद पुलिस पहुंची तो उन पत्थर चलाए गए, अंत में लाठीचार्ज हुआ। वहीं, पुलिस ने अब भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के खिलाफ दो मामले दर्ज कर लिए हैं<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Haryana</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Nov 2024 16:18:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फसलों पर MSP की लीगल गारंटी समेत अन्य मुद्दों को लेकर 36 जगह ट्रैक पर बैठेंगे किसान , आज 2 घंटे ट्रेनें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">फसलों पर MSP की लीगल गारंटी समेत अन्य मुद्दों को लेकर फरवरी से चल रहे किसानों के संघर्ष के बीच आज पंजाब में ट्रेनें रोकी जाएंगी। दोपहर साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक किसान रेलवे ट्रैकों पर धरना देंगे।उनका पंजाब के 22 जिलों में 35 जगह और हरियाणा में एक जगह ट्रेनें रोकने का प्लान है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह धरना प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर संगठन के बैनर तले चलेगा। ऐसे में ट्रेनों से सफर करने वाले लोगों को दिक्कत उठानी पड़ सकती है। धरने की समयावधि में चंडीगढ़, अंबाला, अमृतसर और जम्मू रूट प्रभावित रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसे लेकर फिरोजपुर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/farmers-will-sit-on-the-tracks-at-36-places-regarding/article-5835"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-10/whatsapp-image-2024-10-03-at-12.06.29-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फसलों पर MSP की लीगल गारंटी समेत अन्य मुद्दों को लेकर फरवरी से चल रहे किसानों के संघर्ष के बीच आज पंजाब में ट्रेनें रोकी जाएंगी। दोपहर साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक किसान रेलवे ट्रैकों पर धरना देंगे।उनका पंजाब के 22 जिलों में 35 जगह और हरियाणा में एक जगह ट्रेनें रोकने का प्लान है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह धरना प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर संगठन के बैनर तले चलेगा। ऐसे में ट्रेनों से सफर करने वाले लोगों को दिक्कत उठानी पड़ सकती है। धरने की समयावधि में चंडीगढ़, अंबाला, अमृतसर और जम्मू रूट प्रभावित रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसे लेकर फिरोजपुर मंडल और अंबाला मंडल की ओर से 2 घंटे के बंद के कारण ट्रेनों को रद्द व शॉर्ट टर्मिनेट किए जाने का औपचारिक ऐलान किया है। किसान शंभू बॉर्डर पर भी रेल रोको आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन के जरिए वह सरकार से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्या के मामले में इंसाफ, फसलों पर MSP गारंटी कानून, किसान मजदूर के कर्जे माफ जैसी प्रमुख मांगें कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी मांगे बिल्कुल जायज हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस साल यह तीसरा मौका है, जब किसान रेलवे ट्रैक जाम करने जा रहे हैं। इससे पहले किसानों ने अमृतसर में 15 फरवरी को पहली बार रेल ट्रैक रोके थे। फिर 16 अप्रैल को शंभू ट्रैक पर प्रदर्शन शुरू किया था, जो कि करीब 34 दिन तक चला था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-10/whatsapp-image-2024-10-03-at-12.06.29-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2024-10-03 at 12.06.29 PM" width="800" height="600"></img></p>
<p style="text-align:justify;">RPF के सीनियर DSP अरुण कुमार त्रिपाठी ने अपनी डिवीजन में आने वाले सभी पोस्ट के प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक की। उन्होंने सतर्कता बनाए रखने के आदेश दिए। रेलवे ट्रैक व स्टेशनों पर RPF भी तैनात रहेगी। खुफिया एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं।पंजाब के किसान संगठनों द्वारा 35 जगहों पर रेल ट्रैक जाम करने के ऐलान पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने कहा कि किसानों को रेल ट्रैक रोकने का नुकसान खुद उठाना पड़ेगा। इस पर किसानों ने केंद्रीय मंत्री के बयान का जवाब भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आंदोलन लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों और पत्रकार को इंसाफ दिलाने को लेकर है। बिट्टू यह न भूलें कि जिस सरकार में वह मंत्री हैं, उसी ने आरोपियों को मंत्री बनाए रखा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Haryana</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

                <link>https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/farmers-will-sit-on-the-tracks-at-36-places-regarding/article-5835</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Oct 2024 13:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[PNT Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान आंदोलन के चलते बंद शंभू बॉर्डर अभी नहीं खुलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर अभी नहीं खुलेगा। किसान आंदोलन की वजह से हरियाणा सरकार ने यहां बैरिकेडिंग कर इसे बंद कर रखा है। बॉर्डर खोलने को लेकर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर यथास्थिति बनाए रखी जाए, जहां किसान 13 फरवरी से डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p>कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से शंभू सीमा पर चरणबद्ध तरीके से बैरिकेड्स हटाने के लिए कदम उठाने को कहा ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।सुप्रीम कोर्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.punjabnewstimes.com/breaking-news/shambhu-border-closed-due-to-farmers-movement-will-not-open/article-4907"><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/400/2024-07/20242image15584087506926789_1721809917.webp" alt=""></a><br /><p>हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर अभी नहीं खुलेगा। किसान आंदोलन की वजह से हरियाणा सरकार ने यहां बैरिकेडिंग कर इसे बंद कर रखा है। बॉर्डर खोलने को लेकर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर यथास्थिति बनाए रखी जाए, जहां किसान 13 फरवरी से डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p>कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से शंभू सीमा पर चरणबद्ध तरीके से बैरिकेड्स हटाने के लिए कदम उठाने को कहा ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एक निष्पक्ष कमेटी गठित करने का प्रस्ताव करता है। जिसमें प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे जो किसानों और अन्य हितधारकों से संपर्क कर उनकी मांगों का ऐसा व्यावहारिक समाधान खोज सकेंगे जो निष्पक्ष, न्यायसंगत और सभी के हित में हो।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से स्वतंत्र समिति में सदस्यों के कुछ नाम सुझाने को कहा या फिर वह समिति के लिए कुछ उपयुक्त व्यक्तियों की तलाश कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों से एक सप्ताह के भीतर नाम सुझाने को कहा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि अगर किसान बिना ट्रैक्टरों से किसान दिल्ली जाते हैं, तो सरकार का क्या कदम रहेगा। वहीं, कोर्ट ने पूछा कि क्या उन्होंने किसानों से बातचीत की कोशिश की है। कोर्ट ने पूछा कि किसान सोचते है कि मंत्री सरकार की बात करेंगे। ऐसे में क्या कोई सांझे व्यक्ति के माध्यम से बातचीत की कोशिश की गई। नेशनल हाईवे को कब तक बंद रखोगे।</p>
<p><img src="https://www.punjabnewstimes.com/media/2024-07/20242image15584087506926789_1721809917.webp" alt="20242image15584087506926789_1721809917" width="512" height="341"></img></p>
<p>हरियाणा सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए थे। उन्होंने अदालत में कहा कि स्वतंत्र कमेटी का सुझाव हम सरकार के समक्ष रखेंगे। बॉर्डर सील से आर्थिक नुकसान हो रहा है, यह बात पंजाब सरकार की तरफ से रखी गई है। फिलहाल यह बार्डर नहीं खुल रहा है।</p>
<p>हरियाणा के वकील ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर बातचीत की जा रही है। वहीं, उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर जिस तरह के वाहन हैं, वह काफी चौंकाने वाले है। वहां पर कुछ ऐसे वाहन है, जिन्हें टैंकर के रूप में कन्वर्ट कर रखा है। वहां पर क्रेन है। किसानों को मनाने की कोशिश की जा रही हैं। ऐसे में कोर्ट ने कहा कि आप सरकार है। ऐसे में आप किसानों से मिले, समस्या का हल निकालने की कोशिश करे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                            <category>Haryana</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 17:23:02 +0530</pubDate>
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